
यह घटना बतरा गांव के भदरापारा में सामने आई। टावर मोहल्ला पाली निवासी विजय नेताम को बतरा गांव के ग्रामीणों ने संदिग्ध लोगों की ओर से मवेशी छिपाने की सूचना दी थी। विजय नेताम ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे, जहां उन्होंने पांच तस्करों को पकड़ लिया, जबकि कुछ अन्य फरार हो गए।
जंगल के भीतर पेड़ों से बंधे 28 मवेशी मिले। इन मवेशियों को चारा और पानी नहीं मिला था, जिससे वे भूख-प्यास से तड़प रहे थे। मवेशियों की यह हालत देखकर ग्रामीण आक्रोशित हो गए। विजय नेताम ने तत्काल पाली पुलिस को सूचना दी।
पुलिस टीम ने 28 मवेशी बरामद किए
थाना प्रभारी के निर्देश पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और सभी 28 मवेशियों को बरामद किया, जिनकी अनुमानित कीमत 84 हजार रुपये है। जब्त मवेशियों को एक स्थानीय ग्रामीण की सुपुर्दगी में रखा गया है।
5 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज
पुलिस ने मुख्य आरोपी रहमद खान और उसके चार साथियों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम और छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया।
कार्रवाई के बाद ग्रामीणों को मिल रहीं धमकियां
इस कार्रवाई के बाद से ग्रामीणों को धमकी मिलने की खबरें सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि फरार हुए तस्करों और गिरफ्तार आरोपियों के परिजन ग्रामीणों को फोन पर गाली-गलौच कर धमका रहे हैं। इस घटना से गांव में तनाव का माहौल है।
ग्रामीणों ने धमकी देने वालों के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि तस्करों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे खुलेआम कानून को चुनौती दे रहे हैं।