8 साल के इंतजार के बाद कचना रेलवे ओवरब्रिज आम लोगों के लिए खुल गया

8 साल के इंतजार के बाद  कचना रेलवे ओवरब्रिज आम लोगों के लिए खुल गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसका उद्घाटन किया, अब लोग इस ओवरब्रिज का इस्तेमाल कर सकेंगे।

अब तक यहां रेलवे फाटक बंद होने के कारण रोजाना हजारों लोगों को जाम, तपती धूप और बारिश के बीच लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था। ओवरब्रिज शुरू होने के बाद शहर के 3 लाख से ज्यादा लोगों को सीधे राहत मिलेगी।

कचना ओवरब्रिज पर डामरीकरण समेत सभी काम पूरे हो चुके थे। लोकार्पण से पहले देर रात तक ब्रिज पर स्ट्रीट लाइट लगाने का काम चलता रहा।

हर 15 मिनट में बंद हो रहा फाटक

रेलवे के मुताबिक, खम्हारडीह-कचना रेलवे फाटक पर पिछले कुछ सालों में ट्रेनों की संख्या काफी बढ़ी है। अभी इस रूट से 24 घंटे में करीब 120 यात्री और मालगाड़ियां गुजरती हैं।

यही वजह है कि औसतन हर 15 मिनट में फाटक बंद हो जाता था। ओवरब्रिज शुरू होने के बाद अब लोगों को जाम, तपती धूप और बारिश में रेलवे फाटक खुलने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

48.78 करोड़ रुपए की लागत से बना ओवरब्रिज

कचना रेलवे ओवरब्रिज 48.78 करोड़ रुपए की लागत से बना है। जो कि 871 मीटर लंबा और 12 मीटर चौड़ा है। यह ओवरब्रिज खम्हारडीह स्थित सीएससीबी कार्यालय के आगे से शुरू होकर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी तक जाएगा। यह टू-लेन ओवरब्रिज है।

22.78 करोड़ रुपए की लागत से शंकर नगर -खम्हारडीह -कचना सड़क चौड़ीकरण का काम हुआ। 22.78 करोड़ रुपए की लागत से शंकर नगर -खम्हारडीह -कचना सड़क चौड़ीकरण काम हुआ।

ट्रैफिक रूट डायवर्ट रहा

ओवरब्रिज के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान खम्हारडीह-कचना रोड पर ट्रैफिक डायवर्ट रहा। अनुपम नगर से कचना जाने वाले वाहन श्रीराम नगर ओवरब्रिज और बीएसएनएल ऑफिस वाले रास्ते से गए।

वहीं कचना से खम्हारडीह आने वाले वाहन भी इसी रूट से होकर निकले। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, पीडब्ल्यूडी मंत्री अरुण साव, विधायक और स्थानीय पार्षद शामिल रहे।

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