
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी महंगी हो रही हैं। इसका सीधा असर आम जनता और श्रमिक वर्ग के घरेलू बजट पर पड़ रहा है। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने राहत नहीं दी तो मजदूर संगठन बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
एटक के सचिव विनोद कुमार यादव ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण आम जनता महंगाई की मार झेल रही है। पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे मजदूर और मध्यम वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सरकार से महंगाई रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की।
सीटू के क्षेत्रीय सचिव धरमलाल टंडन ने कहा कि बढ़ती महंगाई ने श्रमिक वर्ग की स्थिति कमजोर कर दी है। खाने-पीने की वस्तुओं से लेकर परिवहन तक हर चीज महंगी हो गई है। उन्होंने सरकार से जल्द राहत देने की मांग की, अन्यथा मजदूर सड़कों पर उतरेंगे।
जेसीसी सदस्य अजय राठौर ने कहा कि केंद्र सरकार महंगाई नियंत्रित करने में विफल रही है। उन्होंने आम जनता को राहत देने के लिए कीमतों में तुरंत कमी करने की मांग की।
आंदोलन की चेतावनी
श्रमिक नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार कॉर्पोरेट घरानों को फायदा पहुंचा रही है और आम जनता की अनदेखी कर रही है। संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिन में कीमतें कम नहीं हुईं तो गेवरा-दीपका क्षेत्र में चक्काजाम और खदान बंद आंदोलन किया जाएगा।
बांकिमोंगरा सब्जी मार्केट पुनर्निर्माण को लेकर विरोध प्रदर्शन
वहीं, शहर के बांकिमोंगरा डेली सब्जी मार्केट के पुनर्निर्माण को लेकर मंगलवार को भारी विरोध प्रदर्शन हुआ। नगर पालिका, तहसीलदार और पुलिस की टीम मार्केट शेड हटाने पहुंची थी। इस कार्रवाई का दुकानदारों ने कड़ा विरोध किया।
इस दौरान भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश मंत्री भागवत विश्वकर्मा भी प्रदर्शन में शामिल हो गए। कई घंटों तक चले विरोध के बाद आखिरकार सभी पक्षों के बीच सहमति बन गई। दुकानदारों का कहना था कि वे कई सालों से इस स्थान पर दुकानें लगा रहे हैं।
उन्हें आशंका थी कि पुनर्निर्माण के बाद दुकानें छिन सकती हैं, जिससे उनकी आजीविका पर संकट आ सकता है।
मार्केट में लगभग 90 दुकानें संचालित
बांकिमोंगरा डेली मार्केट में लगभग 90 दुकानें संचालित हैं। नगर पालिका बांकिमोंगरा ने इन दुकानों को हटाने के लिए पहले भी कई बार नोटिस जारी किए थे। नगर पालिका, पुलिस और व्यापारियों के बीच सहमति से पंचनामा तैयार किया गया।
इसके अनुसार मार्केट के 70 प्रतिशत हिस्से पर नियम अनुसार नया निर्माण किया जाएगा, जबकि 30 प्रतिशत हिस्से में पहले की तरह सब्जी व्यापार जारी रहेगा।