
जानकारी के मुताबिक, पीड़ित का नाम लोकेश चंद्राकर (27) है। जो कि बेमचा गांव का रहने वाला है। वह पूर्व कांग्रेस विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर के करीबी ठेकेदार अविनाश चंद्राकर के साथ पेटी कॉन्ट्रैक्टर के रूप में काम करता है। पुलिस ने सुसाइड नोट भी बरामद किया है, जिसमें लेनदारी का जिक्र है।
घटना के पहले लोकेश की पैसों को लेकर अविनाश चंद्राकर से बात भी हुई थी। परिजनों का कहना है कि दीपावली के बाद से पेमेंट नहीं मिलने के कारण लोकेश लगातार मानसिक तनाव में था। हालांकि, इस मामले में ठेकेदार से संपर्क किया गया, लेकिन उसका मोबाइल बंद होने के कारण बात नहीं हो पाई।
जानिए क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, अविनाश चंद्राकर पेशे से ठेकेदार है। जो कि कांग्रेस के पूर्व विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर का करीबी है। लोकेश, अविनाश को चाचा कहता है और उसी साथ पेटी कॉन्ट्रैक्टर के रूप में काम करता था। आरोप है कि अविनाश चंद्राकर पर लोकेश के 57 लाख रुपए बकाया थे।
दीपावली के बाद से भुगतान नहीं मिलने के कारण वह लगातार मानसिक तनाव में था। ऐसे में मंगलवार रात लोकेश सुसाइड की नीयत से बेलसोंड़ा रेलवे ट्रैक पर पहुंचा और ट्रेन के सामने कूद गया। जिससे उसका दाहिना हाथ कट गया। हालांकि, इस घटना में उसकी जान बच गई।
गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती
घटना की जानकारी मिलते ही आरपीएफ टीम मौके पर पहुंची और सिटी कोतवाली थाना पुलिस को सूचना दी। इसके बाद गंभीर रूप से घायल को 08 एम्बुलेंस के जरिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया। इधर, परिजन भी अस्पताल पहुंचे। लेकिन उसकी गंभीर हालत को देखते हुए परिजनों ने उसे आरएलसी अस्पताल में भर्ती किया है।
घटना के पहले दोनों के बीच हुई थी बात
घटना के कुछ घंटे पहले लोकेश की फोन पर अविनाश चंद्राकर से बातचीत हुई थी। कॉल रिकॉर्ड में लोकेश रोते हुए अविनाश से कहता है कि वह समझ नहीं पा रहा है कि भगवान उसकी परीक्षा ले रहे हैं या फिर अविनाश। इस पर अविनाश जवाब देता है कि इसे एक तरफ से परीक्षा ही समझो।
बातचीत के दौरान लोकेश कहता है कि पेमेंट आ गया है, लेकिन वह पिछले 5–6 दिनों से लगातार फोन लगा रहा है और उसका फोन नहीं उठाया जा रहा। इस पर अविनाश कहता है कि अब क्या समझ आया। जवाब में लोकेश कहता है कि वह मरने के लिए निकला है, ऐसे में उसे और क्या समझ आएगा।