दुर्ग जिले के थाना पुलगांव क्षेत्र के जलाराम वाटिका के सामने मेन रोड पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में साइकिल सवार युवक की मौत

Chhattisgarh Crimesदुर्ग जिले के थाना पुलगांव क्षेत्र के जलाराम वाटिका के सामने मेन रोड पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में साइकिल सवार युवक की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। मामले में पुलिस ने लापरवाह वाहन चालक को गिरफ्तार कर लिया है।

16 दिसंबर की शाम करीब साढ़े 7 बजे पुलगांव निवासी टोपेंद्र कुमार साहू (21 वर्ष) अपने साथी चंद्रशेखर यादव के साथ साइकिल से दुर्ग की ओर निजी काम से जा रहे थे। टोपेंद्र साइकिल के पीछे बैठा था।

जब दोनों जलाराम वाटिका के सामने मेन रोड पर पहुंचे, तभी पीछे से आ रहे अशोक लीलैंड मेटाडोर वाहन (क्रमांक सीजी 07 सीडब्ल्यू 1128) के चालक ने तेज और लापरवाह तरीके से वाहन चलाते हुए साइकिल को जोरदार टक्कर मार दी।

तेज रफ्तार गाड़ी चला रहा था वाहन चालक

उक्त मार्ग पर शाम के समय भारी भीड़ रहती है और पैदल, साइकिल व दोपहिया वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। इसके बावजूद वाहन चालक ने तेज गति से वाहन चलाया और ब्रेक लगाने का प्रयास नहीं किया।

टक्कर के बाद साइकिल सवारों को करीब 10 से 15 मीटर तक घसीटते हुए ले गया। हादसे में चंद्रशेखर यादव के सिर में गंभीर चोट आई, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

एक युवक की बची जान, इलाज जारी

घटना में घायल टोपेंद्र साहू को दाहिनी व बाई आंख के पास, दोनों कोहनियों तथा दाहिने हाथ की कलाई में चोटें आईं। आसपास के लोगों की मदद से दोनों घायल को एम्बुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल दुर्ग ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने चंद्रशेखर को मृत घोषित कर दिया।

सूचना मिलने पर थाना पुलगांव में पदस्थ सउनि सुभाष कुमार साहू तत्काल घटनास्थल पहुंचे और बाद में जिला अस्पताल दुर्ग जाकर घायल टोपेंद्र से पूछताछ की। बयान के आधार और प्रत्यक्षदर्शी सोनम देशमुख, चमन बेल और चंदन करण पटवा भी मौके पर मौजूद थे।

ठोकर मारकर फरार हो गया था आरोपी

हादसे के बाद आरोपी चालक वाहन लेकर दुर्ग की ओर फरार हो गया था। आरोपी वाहन चालक की तलाश की जा रही थी। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी चालक श्यामलाल कोसरे (26 वर्ष), निवासी खमरिया भाटा जुनवानी, चौकी स्मृति नगर थाना सुपेला को 17 दिसंबर को गिरफ्तार किया।

आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायालय के आदेश पर उसे न्यायिक रिमांड में केंद्रीय जेल दुर्ग भेज दिया गया।

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