
पकड़े गए तीनों भालुओं को सुरक्षा के साथ दूर के बड़े जंगल में छोड़ने के लिए वन विभाग की टीम ले गई है। इसके बाद ग्रामीणों और वन विभाग की टीम ने एक दूसरे को मिठाई खिलाई, वहीं, रेंजर रामसागर कुर्रे का माला पहनाकर सम्मान किया गया।
एलिफेंट रेस्क्यू सेंटर की टीम भी पहुंची थी
इस अभियान के लिए कानन पेंडारी से डॉ. चंदन और डॉ. अजीत पांडे के साथ एलिफेंट रेस्क्यू सेंटर रमकोला की टीम को बुलाया गया था। देर रात हसदेव इन होटल के पास लगे जाली में दोनों शावक फंस गए, जबकि मादा भालू को सुबह ट्रेंक्यूलाइज कर पकड़ा गया।
डीएफओ के खिलाफ हो चुका है प्रदर्शन
शहरी क्षेत्र में भालुओं के बढ़ते हमलों और उनके विचरण से शहरवासियों में भय का माहौल था। इसे लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के नेताओं ने डीएफओ मनीष कश्यप और रेंजर रामसागर कुर्रे के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया था।
कांग्रेस नेताओं ने तो तीन दिन पहले सिटी कोतवाली में डीएफओ और रेंजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर भी प्रदर्शन किया था।
तीनों भालुओं के पकड़े जाने के बाद कांग्रेस नेताओं सहित आमजनों ने रेंजर रामसागर कुर्रे को फूल माला पहनाकर सम्मानित किया और मिठाई खिलाई।
इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिमा यादव, उपाध्यक्ष धर्मेंद्र पटवा, यूथ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष हफीज मेमन, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राजकुमार केशरवानी, नेता प्रतिपक्ष अनिल प्रजापति, पार्षद अजय जायसवाल , स्वप्निल सिन्हा, गिरधर जायसवाल, सहित विभिन्न वार्डों के पार्षद, कांग्रेसी कार्यकर्ता और आमजन मौजूद रहे।