
मेट्रो परियोजना के सर्वे और डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के लिए सरकार ने 5 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया है। विधानसभा में राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण विधेयक-2025 के पारित होने के बाद SCR परियोजना को गति मिली है।
सरकार इसे राज्य के विकास का नया ग्रोथ इंजन मान रही है। SCR के अंतर्गत आने वाले शहरों में योजनाबद्ध शहरी विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
अरुण साव बोले- छत्तीसगढ़ में भी शुरू होगा मेट्रो युग
डिप्टी सीएम अरुण साव ने मीडियाकर्मियों से चर्चा में कहा कि, छत्तीसगढ़ में मेट्रो परियोजना अभी शुरुआती स्तर पर है। मेट्रो के मामले में भारत विश्व में तीसरे स्थान पर है। आने वाले समय में देशभर में मेट्रो नेटवर्क का तेजी से विस्तार होगा।
उन्होंने कहा कि, आवाजाही की बेहतर सुविधा और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काम किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ भी इसी दिशा में आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर SCR की अवधारणा को अमल में लाया गया है।
इसका उद्देश्य रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में ट्रांसपोर्ट, इन्फ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और नागरिक सुविधाओं को नई ऊंचाई देना है। मेट्रो रेल सेवा शुरू होने से न केवल सड़क यातायात का दबाव कम होगा, बल्कि लोगों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प भी मिलेगा।
2031 तक 50 लाख से अधिक आबादी का अनुमान
सरकार के आकलन के अनुसार, 2031 तक राजधानी क्षेत्र की आबादी 50 लाख से अधिक हो सकती है। बढ़ती आबादी और तेजी से हो रहे शहरीकरण को ध्यान में रखते हुए राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण का गठन किया जाएगा, जो दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद जैसे बड़े शहरी क्षेत्रों की तर्ज पर काम करेगा।
पांच करोड़ से बनेगा डीपीआर
साल 2024-25 के बजट में एससीआर कार्यालय की स्थापना, सर्वे और डीपीआर निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। प्राधिकरण के तहत एक कार्यकारी समिति बनाई जाएगी। जिसके अध्यक्ष सीईओ होंगे।
इसमें नगर एवं ग्राम निवेश, नगरीय प्रशासन, पर्यावरण, वित्त विभाग के अधिकारी और एससीआर क्षेत्र के जिलों के कलेक्टर सदस्य होंगे।
एससीआर के विकास के लिए अलग से राजधानी क्षेत्र विकास निधि बनाई जाएगी। प्राधिकरण को अवसंरचना परियोजनाओं के लिए विशेष उपकर लगाने का अधिकार भी होगा। यह हर साल बजट तैयार करेगा और राज्य सरकार को प्रगति रिपोर्ट सौंपेगा।