
पुतला दहन से पहले कांग्रेस कार्यकर्ता राजीव भवन से पुतला लेकर निकले। उन्होंने पुतले को जलाकर बांस के सहारे थाने तक पहुंचाया। थाने के बाहर कांग्रेसियों ने जमकर नारेबाजी की और पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया।
कांग्रेसियों ने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस भाजपा का पुतला दहन करती है, तो पुलिस उसे बुझाने में सक्रिय रहती है। वहीं, जब भाजपा कांग्रेस का पुतला दहन करती है, तो पुलिस उसे संरक्षण देती है, जिससे पुतला आसानी से जल जाता है।
पुतला दहन में भेदभाव का आरोप
कार्यकर्ताओं ने कहा कि पुलिस प्रशासन को ऊपर से निर्देश मिलते हैं, जिसके तहत कांग्रेस के पुतला दहन को रोका जाता है, जबकि भाजपा के पुतला दहन को आसानी से होने दिया जाता है।
पूर्व मुख्यमंत्री के पुतला दहन का हवाला
उन्होंने हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुतले के दहन का उदाहरण दिया, जिसे भाजपा ने पुलिस के कथित सहयोग से आसानी से जलाया था। इसी भेदभाव के विरोध में कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन का पुतला दहन किया।