
घायल हालत में पत्रकार ने कार आगे बढ़ाई, जो खेत में चली गई। इस दौरान कार का एक दरवाजा खुल गया। आरोपियों ने पत्रकार के साथी को पकड़ लिया। पत्रकार ने कार तेजी से आगे बढ़ाई और किसी तरह नजदीकी थाने पहुंचा।
आरोपियों ने पत्रकार के साथी को रॉड से पीटा। किसी तरह भागकर उसने अपनी जान बचाई। पत्रकार अवैध खनन से जुड़ी रिपोर्टिंग करने गए थे। दूसरी ओर क्रेशर व्यवसायी ने पत्रकार और उसके साथी पर उनसे पैसे मांगने का आरोप लगाया है। फिलहाल, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत की है। दोनों पक्षों की शिकायत पर पुलिस ने अलग-अलग FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला गौरेला थाने का है।
इस घटना का वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि एक कार को 3 लोग रास्ते में रोक लेते हैं। कार में बैठा शख्स उसे आगे की बात कह रहा है, लेकिन इसी दौरान तीन लोगों में एक व्यक्ति रॉड से कार की शीशे पर हमला करता है।
अब जानिए क्या है पूरा मामला
पेंड्रा के सुशांत गौतम (33) पेशे से पत्रकार हैं। वे 8 जनवरी 2026 को अमरकंटक और मैकल पर्वत क्षेत्र से अवैध खनन और क्रेशर संचालन की कवरेज के लिए गए थे। उनके साथ सहयोगी रितेश गुप्ता भी थे। शाम को रिपोर्टिंग के बाद जब वो लौट रहे थे।
जैसे ही धनौली गांव पहुंचे तो वहां कुछ लोगों ने सामने से एक सफेद कार, साइड में एक हाइवा और पीछे से एक फोर व्हीलर लगाकर उनका रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया।
इसके बाद जय प्रकाश शिवसदानी उर्फ जेठू, सुधीर बाली और लल्लन तिवारी अपने ड्राइवर और कुछ अज्ञात लोगों के साथ वहां आए गाली-गलौज करने लगे। उन्होंने जान से मारने की धमकी दी और जबरन गाड़ी से उतरने के लिए दबाव बनाया।
लल्लन तिवारी ने लोहे की रॉड से तोड़ा शीशा
सुशांत और उनके साथी रितेश गाड़ी के अंदर से लगातार ‘ऐसा मत करो’ चिल्लाते रहे और मोबाइल से वीडियो रिकॉर्डिंग भी कर रहे थे। इसी दौरान एक लल्लन तिवारी ने लोहे की रॉड से कार के ड्राइवर साइड का कांच तोड़ दिया।
इस हमले में सुशांत के चेहरे और माथे पर चोटें आईं। घायल हालत में पत्रकार ने कार आगे बढ़ाई, जो खेत में चली गई। इस दौरान कार का एक दरवाजा खुल गया। आरोपियों ने पत्रकार के साथी को पकड़ लिया। इस दौरान पत्रकार ने कार की तेजी से आगे बढ़ाई और किसी तरह नजदीकी थाने पहुंचा।
सहयोगी को पकड़कर रॉड से पीटा
आरोपियों ने पत्रकार के सहयोगी रितेश का मोबाइल फोन छीन लिया और बंद कर दिया गया। उसे रॉड से पीटा गया। किसी तरह भाग कर रितेश पास के गांव पहुंचा। जहां ग्रामीणों ने रितेश को गौरेला थाने पहुंचाया
पीड़ित के अनुसार, अवैध खनन और क्रेशर गतिविधियों की रिपोर्टिंग को रोकने और खबर दबाने के उद्देश्य से यह हमला किया गया। घटना से जुड़े वीडियो, फोटो और मेडिकल रिपोर्ट पुलिस को सौंपने की बात कही गई है।