
जांजगीर में मंगलवार को इस बात की चर्चा रही कि राज्य शासन ने प्रभारी सीएस को उपकृत किया है। स्वास्थ्य विभाग का कारनामा चर्चा का विषय बना हुआ है। डॉ. दीपक वहां पदस्थ विशेष डॉक्टरों व मेडिकल अफसरों में काफी जूनियर है। इसके बाद भी उन्हें प्रभारी सिविल सर्जन बनाया गया। डॉक्टरों को इस बात पर कोई आपत्ति भी नहीं थी, लेकिन उनकी कार्यशैली से सभी नाराज हो गए।2016 में पहली पोस्टिंग के बाद महज 9 साल में सिविल सर्जन का प्रभार देने का आरोप भी लगा। कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कभी विभागीय मंत्री व अधिकारियों की धौंस देकर सीएमएचओ बनने पर सीआर खराब करने की धमकी भी देते रहे। राज्य शासन का यह आदेश मंगलवार को वायरल हुआ, लेकिन इसमें तारीख 24 अप्रैल की है।
इन डॉक्टरों को भेजा नारायणपुर-सुकमा
आंदोलन को लीड करने वाले मेडिकल अफसर डॉ. इकबाल हुसैन को नारायणपुर, डॉ. दीपक साहू को खड़गवां मनेंद्रगढ़ व डेंटिस्ट डॉ. विष्णु पैगवार को दोरनापाल सुकमा भेजा गया है। राज्य शासन ने खड़गवां के मेडिकल अफसर डॉ. एस. कुजूर को जांजगीर का प्रभारी सिविल सर्जन बनाया है। वहीं जिला अस्पताल धमतरी के पैथोलॉजिस्ट डॉ. लोकेश साहू को बेमेतरा का प्रभारी सिविल सर्जन बनाया गया है। वहीं नारायणपुर के मेडिकल अफसर केशवचंद्र साहू का ट्रांसफर बरौली महासमुंद किया गया है।