
ठग ने युवक का पैसा निकाल लिया। उसके बाद ब्लैक मेलिंग करने लगा और युवक से एक लाख और ऐंठ लिया। युवक ने माना थाना, साइबर सेल समेत कई जगह इसकी शिकायतें की है। अब तक केस दर्ज नहीं हुई। युवक रिपोर्ट लिखवाने के लिए चक्कर काट रहा है। पुलिस ने बताया कि धरमपुरा निवासी अभिषेक चंद्रवंशी एमबीए की पढ़ाई कर चुका है।
वह दो साल पहले पुणे गया था। वहां उसकी मुलाकात स्वतंत्र सिंह से हुई थी। दोनों में बातचीत होती थी। फिर अभिषेक वापस रायपुर आ गया। 15 दिन पहले उसे स्वतंत्र ने फोन किया और शेयर मार्केट में निवेश पर 20 लाख रुपए कमाने का झांसा दिया। अभिषेक झांसे में आ गया। स्वतंत्र ने अभिषेक को मुनाफा के लिए उसके डीमैट अकाउंट की जानकारी ली और उसे खुद उपयोग करने लगा।
शुरुआत में भरोसा दिलाने के लिए स्वतंत्र ने मुनाफा दिया। उसके बाद उसने 14 लाख रुपए का नुकसान होना बताया। फिर वह ब्लैकमेलिंग करने लगा और अभिषेक से 1 लाख रुपए और ऐंठ लिया। उसने अभिषेक को धमकी दी कि वह उनके साथ जुड़कर ठगी करे या फिर अपना पैसा भूल जाए या फिर खुदकुशी कर ले।
विदेशी पार्सल के नाम से ऐंठे 5 लाख
विदेश से पार्सल भेजने का झांसा देकर एक महिला से 5.21 लाख की ठगी कर ली गई। महिला को पार्सल में कीमती वस्तुएं और विदेशी मुद्रा होने का झांसा दिया। महिला झांसे में आकर अलग-अलग किस्त में पैसा जमा कर दी। सवा पांच लाख रुपए जमा करने के बाद भी पार्सल नहीं आया।
दूसरी तरफ ठग और पैसों की डिमांड करते रहे, तब महिला थाने पहुंची। पुलिस ने बताया कि नवा रायपुर सेक्टर-27 में सुनील मेश्राम परिवार के साथ रहते हैं। उनकी पत्नी को 14 अप्रैल को फोन आया। फोन करने वाले ने बताया कि वह कस्टम डिपार्टमेंट से बोल है।
उनका विदेश से पार्सल आया है। उसमें विदेशी मुद्रा के साथ कीमती वस्तुएं हैं। इसके लिए चार्ज लगेगा। चार्ज जमा करने पर ही पार्सल छूट पाएगा। महिला ने पहले 25 हजार रुपए खाते में जमा किए। उसके बाद फिर 50 हजार रुपए जमा की। इस तरह उसने 15 दिनों में 5 लाख 21 हजार रुपए जमा कर दिए। इसके बाद भी घर पर पार्सल नहीं आया। ठग पार्सल छुड़वाने के लिए और पैसों की मांग कर रहे हैं। तब महिला को ठगी का एहसास हुआ।