
बताते हैं कि भारत सरकार गृह मंत्रालय के एनसीआरबी शाखा नई दिल्ली से साइबर टीपलाइन मिलने पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी। 11 जुलाई 2022 को सेवा प्रदाता कंपनी से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपी के मोाबइल नंबर की जांच की। इससे सामने आया कि आरोपी बच्चों से जुडे़ पोर्न वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर रहा था।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 67्न, 67, आईटी एक्ट और 14/15 पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। आरोपी को 26 मार्च को गिरतार किया गया। पुलिस ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया या किसी भी ऑनलाइन साइट पर बच्चों से जुडे़ पोर्न वीडियो या फोटो अपलोड करना गंभीर अपराध है। ऐसा करने पर सीधे जेल हो सकती है।