लता जी के निधन पर छत्तीसगढ़ में राजकीय शोक : प्रदेश भर में दो दिन तक झुका रहेगा राष्ट्रीय झंडा, सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं होंगे

Chhattisgarh Crimes

रायपुर। स्वर सम्राज्ञी लता मंगेशकर के निधन पर छत्तीसगढ़ में दो दिन का राजकीय शोक घोषित कर दिया गया है। शोक में 6 और 7 फरवरी को सरकारी तौर पर कोई सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं होगा। राष्ट्रीय ध्वज भी झुके रहेंगे। राज्य सरकार की ओर से सभी कलेक्टर को आदेश जारी हुए हैं।

राजकीय शोक की अवधि में राज्य स्थित समस्त शासकीय भवनों और जहां पर नियमित रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहरा जाते हैं, वहां पर रष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे। सरकारी स्तर पर किसी तरह का मनोरंजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन नहीं होगा। राजकीय शोक के कारण रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में चल रही प्रदर्शनी में किसी भी प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं होंगे।

लता मंगेशकर के निधन पर केंद्र सरकार ने भी दो दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। 92 साल की लता मंगेशकर को कोरोना संक्रमण की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया था। करीब 29 दिनों तक कोरोना और निमोनिया से जंग लड़ने के बाद रविवार सुबह 8.12 बजे उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में दुनिया को अलविदा कह दिया।

राज्यपाल बोली, युग-युगांतर तक रहेगी लता जी की आवाज

छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसूईया उइके ने लता मंगेशकर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। राज्यपाल ने कहा, स्वर कोकिला लता मंगेशकर के निधन से संगीत जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। उनके योगदान को भुला पाना मुश्किल है। हम सबकी प्रिय गायिका, जिनके गीतों को सुनकर, मधुरिम सुरों को महसूस कर हम सबसे अच्छा समय बिताते आ रहे, ऐसे अद्वितीय सुरों की महान साधिका लता मंगेशकर जी का 92 वर्ष की आयु में निधन बेहद दुःखद है। उनकी आवाज विश्वभर के संगीतप्रेमियों की स्मृतियों में युग-युगांतर यात्रा करेगी।

मुख्यमंत्री बोले, आज भारत ने एक रत्न खोया

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, स्वर कोकिला, भारत रत्न लता मंगेशकर जी का निधन बेहद दुःखद और सम्पूर्ण कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके गाए मधुर गीत हमेशा लोगों के दिलों में बसे रहेंगे। उनकी आवाज़ ही उनकी पहचान है, जो कभी खो नहीं सकती। मुख्यमंत्री ने कहा कि लता मंगेशकर जी ने 30 से ज्यादा भाषाओं में गीत गाए। उनके निधन से भारत ने आज एक रत्न खो दिया है।

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