पुत्र ही निकला अपनी मां का हत्यारा, पुलिस ने सुलझाई अंधे कत्ल की गुत्थी

Chhattisgarh Crimes

कोरिया। जिले की पुलिस ने अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। दिनांक 13.04.2023 को थाना चरचा में सूचना प्राप्त हुई थी कि रूपनगर बांध पारा के खाली मकान में एक अज्ञात महिला की लाश पड़ी है । सूचना पर तत्काल थाना प्रभारी की टीम घटनास्थल पहुंची जहां पर महिला की निर्वस्त्र लाश पड़ी हुई थी । प्रथम दृष्टया चोटों के आधार पर हत्या का मामला प्रतीत होने से तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई ।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल के निर्देश पर रोहित कुमार झा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोरिया के मार्गदर्शन में कविता ठाकुर एसडीओपी बैकुंठपुर के नेतृत्व में अज्ञात मृतक की पतासाजी एवं विभिन्न पहलुओं की जांच हेतु टीम गठित की गई । मौके पर फॉरेंसिक की टीम अंबिकापुर से बुलाई गई साथ ही साथ डॉग स्क्वायड भी सूरजपुर से बुलाया गया । आसपास के लोगों से पहचान करने पर अज्ञात शव स्थानीय 60 वर्षीय महिला निवासी सरडी, बांध पारा थाना चरचा का होना पाया गया । मृतिका के पुत्र की शिनाख्त के आधार पर अपराध कायम कर विवेचना प्रारंभ की गई।

प्राप्त पीएम रिपोर्ट के आधार पर मृतिका की मृत्यु 36 घंटे पूर्व सिर पर चोट लगने के कारण होना पाया गया। इसी आधार पर विवेचना प्रारंभ की गई। परिवार के विभिन्न सदस्यों से बारीकी से पूछताछ की गई बयानों की विभिन्नता के आधार पर जब कड़ाई से पूछताछ की गई तब दीपक मलिक के द्वारा अपनी मां का व्यवहार ठीक ना होने के कारण घटनास्थल पर मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाकर हत्या करना स्वीकार किया गया । मामले में आरोपी की स्वीकारोक्ति पश्चात विधिवत कार्रवाई कर आरोपी दीपक मलिक पिता स्व.गोपी मलिक, 30 वर्ष ,निवासी सरडी बांध पारा, चरचा को रिमांड पर भेजा गया ।

प्रकरण में थाना प्रभारी उप निरीक्षक संदीप सिंह,सहायक उपनिरीक्षक महेश कुशवाहा, हीरालाल कुजुर, गंभीर साय, प्रधान आरक्षक नवीन साहू ,प्रधान आरक्षक गीता लकड़ा, आरक्षक राजेश कुमार, आरक्षक संदीप, आरक्षक विजय सिंह, आरक्षक अमित भारद्वाज, आरक्षक बलराम केवट, आरक्षक अंकित सिंह, आरक्षक साकेत मरकाम,आरक्षक बालमुकुंद पैकरा, आरक्षक जैनेंद्र सिंह, महिला आरक्षक ज्वाला साहू, सैनिक विकास सिंह, सतीश सिंह रविदास एवं साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक सौरभ द्विवेदी प्रधान आरक्षक अरविंद कॉल का सराहनीय योगदान रहा ।

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