जब किचन में पाइपलाइन से आएगी गैस, सिलिंडर को कहेंगे बाय

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बिलासपुर। केंद्र सरकार की योजना पर गौर करें तो जल्द ही प्रदेशवासियों को पाइपलाइन के जरिए रसोई गैस की आपूर्ति की जाएगी। छत्तीसगढ़ में इसकी शुरुआत बिलासपुर व कोरबा जिले से होगी। इन दोनों जिलों को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शामिल किया गया है। जैसे ही ये काम पूरा होगा, सिलिंडर मंगाने या लाने का झंझट खत्म हो जाएगा और पाइपलाइन के जरिए सीधे आपके घर के रसोईघर तक गैस की सप्लाई होगी।

गैस अथारिटी आफ इंडिया लिमिटेड द्वारा(गेल) नागपुर से झारसुगुड़ा के बीच गैस पाइपलाइन बिछाने का काम किया जा रहा है। नदी व नालों के बीच से पाइप लाइन बिछाने का काम कंपनी के इंजीनियरों की देखरेख में हो रहा है। साथ ही शहर व ग्रामीण इलाकों में सर्वे किया जा रहा है। गेल इंडिया ने इस संबंध में जिला प्रशासन को पत्र लिखकर नदी किनारे व ग्रामीणों के खेत में पाइप लाइन बिछाने के संबंध में अनुमति मांगी है।

गैस मिलने नहीं होगी लेटलतीफी

पाइप लाइन बिछाने के बाद रसोई गैस उपभोक्ताओं को पाइप लाइन के जरिये गैस की आपूर्ति की जाएगी। यह सुविधा प्रारंभ होते ही उपभोक्ताओं को सिलिंडर रिफिलिंग के झंझट के अलावा सिलिंडर रखने से भी राहत मिलेगी। एलपीजी कंपनियों द्वारा आपूर्ति में की जाने वाली लेटलतीफी का सामना भी नहीं करना पड़ेगा।

सिलिंडर की होम डिलीवरी करने वालों को अतिरिक्त राशि भी नहीं देनी पड़ेगी। आमतौर पर गृहणियां सिलिंडर आपूर्ति करने वाले एजेंसी के कर्मियों को इसलिए अतिरिक्त राशि दे देती हैं कि दोबारा सिलिंडर की आपूर्ति सही समय पर होगी। गेल द्वारा पाइप लाइन बिछाने के साथ ही आपूर्ति के लिए देशभर में तकरीबन एक हजार से अधिक लिक्विफाइड नेचुरल गैस स्टेशन भी बनाए जाएंगे।

एलपीजी सिलेंडर के मुकाबले पाइप लाइन के जरिए मिलने वाली रसोई गैस उपभोक्ताओं को सस्ती पड़ेगी। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय की योजना साफ है। सरकार अब उपभोक्ताओं को सीधे उनकी रसोई तक सस्ती गैस की आपूर्ति करने का निर्णय लिया। जाहिर है इससे उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। तरलीकृत प्राकृतिक गैस ( एलएनजी ) प्राकृतिक गैस है जिसे शून्य से 160 डिग्री सेल्सियस तक ठंडा करके तरल बनाया जाता है।

प्राकृतिक गैस की समान मात्रा के लिए एलएनजी की मात्रा इसकी गैसीय अवस्था की तुलना में लगभग 600 गुना कम है। इसका भंडारण 160 डिग्री सेल्सियस तापमान पर किया जा सकता है। इस गैस को 160 डिग्री डिज़ाइन किए गए पाइपों के जरिये बहाया जाता है।

20 फीट गहराई में बिछाई जा रही पाइप लाइन

जिन किसानों के खेत मे पाइप लाइन बिछाई जाएगी उन्हें कंपनी द्वारा मुआवजा भी दिया जाएगा। खास बात यह है कि कंपनी द्वारा 18 से 20 फीट गहरा गडढा खोदकर पाइप लाइन बिछाई जा रही है। पाइप लाइन बिछाने के बाद मिट्टी से फाइलिंग भी की जा रही है। इससे किसान का खेत भी नुकसान नहीं हो रहा है। आराम से खेती भी कर सकेंगे। वर्तमान में जेल द्वारा बलौदाबाजार भाटापारा जिले में पाइप लाइन बिछाने का काम किया जा रहा है। ग्रामीणों की जमीन के नीचे पाइप पाइन बिछाने के लिए भूमि स्वामी के अलावा ग्राम पंचायत की सहमति भी गेल के अफसर ले रहे हैं।

गेल द्वारा पाइप लाइन बिछाने के संबंध में अनुमति मांगी गई है। शासकीय व निजी भू खण्ड के अलावा नदी व नालों के आसपास से भी पाइप लाइन बिछाने का काम किया जाना है। विभाग प्रमुखों को इस संबंध में निर्देशित किया गया है।

सौरभ कुमार कलेक्टर

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