आंगनबाड़ियों में बच्चों को छोड़कर काम पर जा सकेंगी वर्किंग-मदर्स, खोले जाएंगे 1500 पालना केन्द्र

Chhattisgarh Crimes

रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब वर्किंग मदर्स अपने बच्चों को आंगनबाड़ी में छोड़कर काम पर जा सकेंगी। इसके लिए महिला बाल विकास की ओर से केंद्रों में पालना केंद्र बनाया जाएगा। शुरुआती तौर पर 1500 पालना केंद्र बनाए जाएंगे। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विभागों के लिए विधानसभा में चर्चा के बाद बजट पारित किया गया है। इसके बनने के बाद महिलाएं अपने 6 महीने से लेकर 6 साल तक के बच्चों को आंगनबाड़ी में छोड़कर काम पर जा सकेंगी।

नर्सरी स्कूलों के तर्ज पर बनाए जाएंगे आंगनबाड़ी

नई सरकार अब प्रदेश के आंगनबाड़ी केन्द्रों को नर्सरी स्कूलों के तर्ज पर तैयार किया जाएगा। साथ ही केंद्रों में पहुचने वाले बच्चों के पोषण के लिए पोषणाहार पर भी फोकस रहेगा।

स्कूलों में लगेंगे सेनेटरी नेपकिन वेंडिंग मशीन

इसके साथ ही प्रदेश के एक हज़ार गर्ल्स स्कूलों और कालेजों में सेनेटरी नेपकिन वेडिंग मशीन लगाए जाएंगे ताकि माहवारी के वक्त स्कुल-कोलेजों में सेनेटरी नेपकिन के लिए दिक्कत न हो। साथ ही शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में नए आंगनबाड़ी केंद्र खोले जाएंगे।

गांवों में सर्वे कर बच्चों को किया जाएगा चिह्नित

आंगनबाड़ी केंद्रों में झूलाघर बनाने से पहले गांवों में सर्वे कराकर बच्चों को चिह्नित किया जाएगा। इसके बाद ही आंगनबाड़ी केंद्र अपडेट होंगे। साथ ही गंभीर कुपोषण वाले बच्चों को भी चिह्नांकित करने के लिए कहा गया है।

वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों के लिए समस्याओं में जल्द से जल्द मदद पहुचाने के लिए हेल्पलाइन नंबर 155326 या टोल फ्री नंबर 1800-233-8989 के लिए भी प्रावधान किया गया। राज्य के सभी विकासखण्डों के ग्राम पंचायतों में 2951 भारतमाता वाहिनी का गठन किया गया है। महिला हेल्पलाइन नम्बर (181), चाइल्ड हेल्पलाइन नम्बर (1098) के एकीकरण टोल फ्री नम्बर 112 के लिए 75 करोड़ 71 लाख रूपये का प्रावधान किया गया है।

Exit mobile version