
इस दौरान दुकान संचालक ने फर्स्ट कॉपी ओरिजिनल डिस्प्ले लगाने का झांसा दिया। लेकिन, महज दो घंटे के भीतर ही स्क्रीन ब्लैक हो गया। युवती दुकान पहुंची, तब दुकानदार रिफंड करने के बजाए टालमटोल करने लगा।
दरअसल, कोनी निवासी ईशा रानी के सैमसंग गैलेक्सी मोबाइल की स्क्रीन गिरने से टूट गई। वह 29 जनवरी 2026 को पुराने बस स्टैंड स्थित राजीव प्लाजा की दीपक मोबाइल की दुकान पहुंचीं। दुकान संचालक ने 3 हजार रुपए में ओलेड डिस्प्ले लगाने और उसके ओरिजिनल जैसी गुणवत्ता के साथ काम करने का भरोसा दिया।
साथ ही डिस्प्ले के कम से कम तीन साल चलने की बात कही। राशि देने के बाद डिस्प्ले लगाई गई, लेकिन महज 1 से 2 घंटे में स्क्रीन ब्लैक आउट और झिलमिलाने लगी
शिकायत करने पहुंची तब दुकानदार ने किया टालमटोल
इस पर युवती अपने मोबाइल को लेकर दोबारा दुकान पहुंची। इससे पहले उसने मोबाइल का वीडियो बनाकर भी दुकानदार को भेजा था। लेकिन, दुकान पहुंचने पर संचालक ने पहले खराबी अपनी मौजूदगी में दिखाने की शर्त रखी। सामने ही ग्लिच दिखने के बावजूद रिफंड को लेकर टालमटोल करने लगा।
आयोग ने इसे माना सेवा में कमी
परेशान होकर ईशा रानी ने अधिवक्ता के माध्यम से जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया। सुनवाई के दौरान व्हाट्सऐप चैट, भुगतान की स्लिप और स्क्रीन ब्लैक आउट होने के फोटो पेश किए गए। चैट से यह भी स्पष्ट हुआ कि डिस्प्ले बदलने के करीब तीन घंटे के भीतर ही ग्राहक ने खराबी की सूचना दुकानदार को दे दी थी।
आयोग के अध्यक्ष आनंद कुमार सिंघल, सदस्य पूर्णिमा सिंह एवं आलोक कुमार पाण्डेय की पीठ ने मामले की सुनवाई के बाद माना कि राशि लेकर खराब डिस्प्ले लगाना और शिकायत के बाद सेवा में सुधार नहीं करना सेवा में कमी है।
उपभोक्ता फोरम ने सेवा में कमी के लिए दुकानदार को दोषी माना है, जिसके लिए उन्हें पूरी रकम 9 प्रतिशज ब्याज सहित लौटाने के साथ हर्जाना और वाद व्यय को 45 दिन के भीतर देने का आदेश दिया है।