
घटना 15 अप्रैल की है। मीर हसन (50) लाखा स्थित महालक्ष्मी कास्टिंग प्राइवेट लिमिटेड में वेल्डिंग का काम करता था। सुबह वह करीब 30 फीट की ऊंचाई पर वेल्डिंग कर रहा था। इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह नीचे गिर गया।
ऊंचाई से गिरने के कारण उसके सिर में गंभीर चोट आई। आसपास काम कर रहे मजदूरों ने घटना की जानकारी कंपनी प्रबंधन को दी। इसके बाद मीर हसन को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अस्पताल में इलाज के दौरान मीर हसन की मौत हो गई। सूचना मिलने पर पूंजीपथरा पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के बेटे मोहम्मद नदीम और उसके साथ काम करने वाले शिवम तिवारी, मदन कुमार और अमित सिंह के बयान लिए।
बिना हेलमेट और सेफ्टी बेल्ट कराया जा रहा था काम
गवाहों ने पुलिस को बताया कि कंपनी का सुपरवाइजर आशिफ खान (30), निवासी ग्राम तेवरा, उत्तर प्रदेश, मजदूरों से लापरवाहीपूर्वक काम करा रहा था। मीर हसन को 30 फीट की ऊंचाई पर काम करने के दौरान हेलमेट, सुरक्षा बेल्ट और अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे।
पुलिस के मुताबिक सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण मीर हसन ऊंचाई से गिरा और गंभीर चोट लगने के बाद उसकी मौत हो गई।
सुपरवाइजर के खिलाफ FIR
मर्ग जांच के आधार पर पुलिस ने सुपरवाइजर आशिफ खान के खिलाफ धारा 106(1) और 289 BNS के तहत अपराध दर्ज किया है। मामले में आगे की विवेचना की जा रही है।