छत्तीसगढ़ की राजनांदगांव पुलिस ने साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक अकाउंट होल्डर, किराए पर देने वाले और सप्लायर के साथ 16 लोगों को गिरफ्तार किय है। 17 खातों में ठगी के करीब 9 करोड़ रुपए का ट्रांजेक्शन मिला है। ये सभी लोगों को पैसों का लालच देकर उनके खाते से ठगी के रुपए ट्रांजेक्शन करवाते थे। अकाउंट्स के लिए प्रति माह 5 हजार से 50 हजार तक किराया मिलता था।एसपी मोहित गर्ग के मुताबिक, ठगों ने आम लोगों को शेयर ट्रेडिंग, बैंक अप्रूवल करवाने, टावर लगवाने जैसे अलग-अलग मामलों का झांसा दिया और उनके बैंक खाते, चेकबुक और एटीएम कार्ड ले लिए। फिर ठग इन खातों से ठगी के पैसों का ट्रांजेक्शन किया गया।एसपी बोले- पैसों के लालच में आकर बैंक खातों का दुरुपयोग न होने दें
अंतर्गत 17 बैंक खातों में साइबर ठगी के 70 साथ 83 हजार 519 रुपए जमा किए गए थे। वहीं बैंक खातों में दर्ज शिकायत के अलावा 6 करोड़ रुपये के संदेहास्पद ट्रांजेक्शन की जानकारी मिली थी। एक्सिस बैंक शाखा राजनांदगांव में 6 बैंक खातों में साइबर ठगी से 27 लाख 32 हजार 900 रुपए जमा किए गए थे।
बैंक खातों में दर्ज शिकायत के अलावा दो करोड़ 74 लाख रुपए के संदेहास्पद ट्रांजेक्शन की जानकारी मिली थी। जिसके बाद 16 म्यूल बैंक खाता धारक और तीन सप्लायर पर कार्रवाई की गई। एसपी मोहित गर्ग ने एसपी ने लोगों से अपील की है कि वे पैसों के लालच में न आएं और अपने बैंक खातों का दुरुपयोग न होने दें।साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले खातों की जांच
साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले खातों की जांच के लिए पुलिस विशेष अभियान चला रही है। जांच में कई ऐसे म्यूल अकाउंट मिले, जिनसे बड़े पैमाने पर ठगी की रकम का लेनदेन हुआ। पूछताछ में पता चला कि लोग पैसों के लालच में अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड और चेकबुक ठगों को बेच रहे थे।
आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया
साइबर टीम, कोतवाली और बसंतपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा खाता सप्लायर चम्पेश देवांगन, नितेश साहू और गौरव चौहान को भी पकड़ा गया। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।