भनपुरी चौक पर ओवरब्रिज का काम इसी साल अक्टूबर से शुरू हो जाएगा। 40 करोड़ की लागत से बनने वाले इस ओवरब्रिज की लंबाई 1 किमी होगी। ओवरब्रिज बनने से चौक पर जाम नहीं लगेगा। रायपुर-बिलासपुर रूट की गाड़ियां सीधे निकल जाएंगी। गाड़ियों न जाम में फंसेंगी न सिग्नल में रुकना पड़ेगा। इससे बिलासपुर आने-जाने वालों के 15 मिनट तक बचेंगे। रोज औसतन 50 हजार से ज्यादा तो केवल भारी वाहन चौराहे से गुजरते हैं। चौराहे पर सिग्नल होने के बावजूद सुबह और शाम के समय जाम लग जाता है।
चौराहा इतना बड़ा है कि कई बार ग्रीन सिग्नल में गाड़ी वाले आगे बढ़ते हैं और बीच में सिग्नल रेड हो जाता है। इस वजह से यहां हादसे का खतरा रहता है। पहले भनपुरी का इलाका आउटर माना जाता था। अब भनपुरी के आगे बिरगांव जैसा बड़ा इलाका बसने के साथ आस-पास दर्जनों कालाेनियां बस गई हैं। कई बड़े बिल्डरों के प्राेजेक्ट चल रहे हैं। यानी आने वाले दिनों में वहां कई हाउसिंग सोसायटी बस जाएंगी। इससे ट्रैफिक का दबाव बढ़ने के साथ ही चौराहे पर हादसे का खतरा भी बढ़ जाएगा। हालात की समीक्षा के बाद ही शासन ने यहां ओवरब्रिज बनाने की मंजूरी दी है। इसके लिए बजट में 40 करोड़ स्वीकृत भी कर दिए गए हैं। अफसरों ने संकेत दिए हैं कि अक्टूबर में काम चालू कर दिया जाएगा।
कौन से वाहन कैसे गुजरेंगे
रायपुर से टाटीबंध की तरफ जाने वाले वाहन ओवरब्रिज के नीचे से दाईं ओर जाएंगे
भिलाई-दुर्ग से आकर बिलासपुर जाने वाले ओवरब्रिज के नीचे दाईं ओर से जाएंगे।
रायपुर से बिलासपुर जाने वाले वाहन चौक के पहले ओवरब्रिज में चढ़कर सीधे चले जाएंगे
बिलासपुर से रायपुर की ओर आने वाले वाहन भी ओवरब्रिज में चढ़कर सीधे चौक पार करेंगे
कोल्ड स्टोरेज समेत कई प्रतिष्ठान, इसलिए हर समय जाम
भनपुरी चौक से चौबीस घंटे छोटे वाहनों के साथ भारी गाड़ियां व माल वाहक गुजरते हैं। टाटीबंध से आने वाली बसें यात्रियों के लिए कोल्ड स्टोरेज के पास रुकती हैं। बिलासपुर से आने वाली गाड़ियां दमानी पेट्रोल पंप के पास रुकती हैं। इस कारण चौक को पार करना काफी जोखिम भरा होता है। कई कोल्ड स्टोरेज चौक के आस-पास हैं। वहां हमेशा भारी वाहनों का आना-जाना लगा रहता है। इसलिए जाम लगता है। कई कालोनियों-बस्तियों के बस जाने के कारण लोगों की आवाजाही बढ़ी है। इस वजह से यातायात कंट्रोल करना मुश्किल हो गया है। इसी वजह से यातायात विभाग भी कई बार यहां ओवरब्रिज निर्माण के लिए मांग कर चुका है।
इन इलाकों को मिलेगी राहत
भनपुरी, गंगानगर, गोगांव, बीरगांव, न्यू शांति नगर, धनलक्ष्मी नगर, भनपुरी बस्ती जैसे एक दर्जन से अधिक मुहल्लों को मिलेगी राहत।
ये महत्वपूर्ण निर्णय है। इसकी जरूरत काफी लंबे समय से की जा रही थी। बजट में मंजूरी मिल चुकी है। अब इसे प्रशासकीय स्वीकृति के लिए मुख्यालय भेजा जाएगा। फिर काम शुरू होगा।