रेंज साइबर पुलिस ने म्यूल अकाउंट खोलने और खरीदने वाले दो आरोपियों को दलदल सिवनी और खरसिया में छापा मारकर गिरफ्तार किया

Chhattisgarh Crimesरेंज साइबर पुलिस ने म्यूल अकाउंट खोलने और खरीदने वाले दो आरोपियों को दलदल सिवनी और खरसिया में छापा मारकर गिरफ्तार किया है। आरोपियों की तलाशी के दौरान मोबाइल और बैंक खाता मिला है। एक आरोपी गोपाल अग्रवाल ने दो लाख रुपए में अपना खाता बेच दिया था।

दूसरा आरोपी प्रतीक जैन शेयर ट्रेडर्स है, जो खाते में ठगी के पैसों का ट्रांजेक्शन कराता था। इसमें एक आरोपी का नाम सामने आया है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों के खिलाफ 16 राज्यों में केस दर्ज है।

पुलिस ने बताया कि खरसिया निवासी गोपाल अग्रवाल (20) ठेकेदारी करता है। उसकी दोस्ती दलदल सिवनी के प्रतीक जैन (22) से है। प्रतीश शेयर मार्केट में निवेश करने वाली एक कंपनी में असिस्टेंट ब्रांच मैनेजर है। उसने गोपाल को खाता खोलने के लिए कहा, तब गोपाल ने केनरा बैंक में अपना खाता खोला।

उसका पासबुक, एटीएम और क्रेडिट कार्ड उसने प्रतीक को दे दिया। प्रतीक ने बदले में गोपाल को 2 लाख रुपए दिए। उसके बाद से उस खाते को प्रतीक उपयोग कर रहा था। उसमें शेयर मार्केट के पैसों का लेन-देन करने लगा। प्रतीक ने पुलिस को बयान दिया है कि उसने अपने साथी विनोद राठौर को खाता दिया था।

वही इस खाते का उपयोग करता था। उसे जानकारी नहीं है कि खाते में कहां से और किस काम का पैसा आया है। पुलिस अब विनोद की तलाश कर रही है। बता दें कि इस खाते में तीन माह में चार करोड़ का ट्रांजेक्शन हुआ है।

सट्टे के पैसों के लेन-देन में म्यूल अकाउंट का उपयोग :
पुलिस ने बताया कि ऑनलाइन ठगी के अलावा सट्टे के पैसों के लेन-देन में म्यूल अकाउंट का उपयोग किया जा रहा है। महादेव सट्टा में जिन खातों का उपयोग किया गया है, वे म्यूल अकाउंट हैं। खाता खुलवाने वाले को पता ही नहीं कि उसके खाते में रोज लाखों का ट्रांजेक्शन हो रहा है। ज्यादातर लोग 30 से 50 हजार रुपए लेकर अपना खाता दूसरे को दे दिए हैं। ठगों का गिरोह इन खातों का दुरुपयोग कर रहा है।

ठेकेदार के खाते में 4 करोड़ का लेन-देन
गुढ़ियारी के एक कारोबारी से शेयर मार्केट में निवेश का झांसा देकर 50 लाख की ठगी की गई। इसकी रिपोर्ट जनवरी में दर्ज की गई थी। ठगों ने जिस खाते में पैसा लिया, वह गोपाल अग्रवाल का है। जब पुलिस ने खाते की जांच की तो उसमें 3 माह के भीतर 4 करोड़ रुपए का ट्रांजेक्शन मिला। अलग-अलग खातों से पैसे आए, उसके बाद निकाल भी लिया गया। पुलिस ने गोपाल के आधार कार्ड के आधार पर जानकारी निकाली।