तेंदूपत्ता बोनस मामले में एसीबी और ईओडब्ल्यू की कार्रवाई के विरोध में बस्तरिया राज मोर्चा और कांग्रेस ने सोमवार को सुकमा बंद का आह्वान किया। इस बंद को व्यापारी संघ और आम नागरिकों का भी व्यापक समर्थन मिला, जिससे जिले का मुख्यालय लगभग पूरी तरह बंद रहा। सुबह से ही सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा, दुकानों के शटर गिरे रहे और बाजार सूने दिखे।
कुंजाम की छवि खराब करने की साजिश
Tendupatta Bonus Scam: बस्तरिया राज मोर्चा के नेता रामा सोढ़ी ने कहा कि यह पूरी कार्रवाई मनीष कुंजाम की छवि खराब करने की साजिश है। सोढ़ी ने बताया कि सुकमा बंद को हर वर्ग का समर्थन मिला, और इससे यह स्पष्ट हो गया है कि जनता इस अन्याय के खिलाफ एकजुट है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रही, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
शिकायतकर्ता को ही बना रहे आरोपी
पूर्व विधायक मनीष कुंजाम ने तेंदूपत्ता बोनस घोटाले को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि उन्होंने ही इस घोटाले की पहली शिकायत की थी, लेकिन अब उन्हें ही आरोपित बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ एसीबी और ईओडब्ल्यू की कार्रवाई राजनीतिक साजिश है, जिससे उन्हें आदिवासियों के अधिकारों के संघर्ष से दूर किया जा सके। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता बोनस में 6 करोड़ 54 लाख 71 हजार 902 रुपए का घोटाला हुआ है और उन्हें एक पाई भी नहीं मिली है।