राज्य में बिजली को लेकर भले ही नया प्री-पेड बिल सिस्टम लागू किया जा रहा है, घरों व दफ्तरों और कारखानों में नए मीटर लगाए जा रहे हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि वर्तमान में लोगों को दी जा रही हाफ बिजली बिल की सुविधा का क्या होगा। साथ ही बिजली कंपनी के सरकारी कार्यालय, निगम, मंडल और आयोगों के दफ्तरों के बिल कैसे वसूले जाएंगे। एक अनुमान के अनुसार 550 से 600 करोड़ रुपए इन सरकारी संस्थाओं पर बकाया है।
नए मीटर से बिजली चोरी या केबल से छेड़छाड़ करने पर दो से छह महीने की सजा है। साथ ही बिल का ढाई गुना जुर्माना और मरम्मत का पैसा भी वसूला जाएगा। इस बारे में दैनिक भास्कर ने बिजली कंपनी के अफसरों से बात की। उन्होंने दावा किया कि कमियों को जल्द ही दूर कर लिया जाएगा। शासन स्तर पर बातचीत चल रही है। मालूम हो कि प्रदेश के 54-55 लाख बिजली उपभोक्ताओं के घरों, कार्यालयों व और कारखानों में बिजली के प्री-पेड मीटर लगाए जा रहे हैं। अब तक करीब 10 हजार मीटर लगाने का दावा किया गया है।
दस फीट तक जमीन के अंदर होंगे केबल
नए सिस्टम के अनुसार नए मीटर व घरों तक पावर पहुंचाने के लिए करीब दस फीट जमीन के अंदर तक अंडर ग्राउंड केबल डाला जाएगा। जिस इलाके के घरों में बिजली कनेक्शन देना है, वहां पहले एक बाक्स लगाया जाएगा। इस बाक्स में उस लेन में पड़ने वाले सभी घरों के बिजली केबल व मीटर कनेक्ट होंगे।
यह ठीक उसी तर्ज पर रहेगा जैसे पहले लैंड-लाइन फोन कनेक्शन वाले घरों के पहले बाक्स सिस्टम लगा होता था। यदि किसी ने भी गलत तरीके से बिजली लेने मीटर या केबल में छेड़छाड़ की तो तत्काल इसकी जानकारी सर्वर के जरिए अफसरों को मिल जाएगी। ऐसा करने वाले का कनेक्शन तो काटा ही जाएगा, साथ ही उसके खिलाफ विभाग की ओर से पुलिस में केस दर्ज करवाया जाएगा। यही नहीं आरोपी से इस संबंध में मरम्मत व केबल का चार्ज भी वसूला जाएगा।
क्या है सिस्टम: बिजली के लिए करना होगा प्री-पेड रिचार्ज
बिजली कंपनी नए मीटर लगाने के बाद प्री-पेड सिस्टम चालू करेगी। इसके बाद मोबाइल रिचार्ज करने की तर्ज पर बिजली के लिए प्री-पेड रिचार्ज करना होगा। जब तक प्री-पेड में बैलेंस होगा बिजली सप्लाई होती रहेगी। इसके खत्म होने के पहले अलार्मिंग मैसेज भी आएंगे। रिचार्ज नहीं करने पर बिजली स्वयमेव बंद हो जाएगी।
विशेष बात यह है कि रात में बिजली बंद नहीं की जाएगी। अफसरों के अनुसार शुरुआत के दो महीने में लोगों को उसे रिचार्ज नहीं करना पड़ेगा। बिजली कंपनी सभी उपभोक्ताओं के मीटर में औसत दो महीने का बैलेंस डालेगी। उपभोक्ताओं को अब हर साल वसूल की जाने वाली सुरक्षा निधि से भी छुटकारा मिल जाएगा। नाम ट्रांफसर कराने, लोड बढ़वाने की व्यवस्था पहले की तरह होगी।
सीधी बात – इब्राहिम वर्गिस, प्रोजेक्ट ऑफिसर
जो बिल नहीं भर रहे, उनका क्या होगा? – चाहे सरकारी विभाग हो या निजी कंपनी, सभी को प्री-पेड सिस्टम का पालन करना पड़ेगा।
सरकारी विभाग, जिनका करोड़ों का बिल हर साल बकाया रहता है, वे रिचार्ज नहीं कराएंगे तो क्या होगा ? -सरकारी विभागों को बाद में बकाया चुकाना ही पड़ता है, उन्हें अब पहले भुगतान कर रिचार्ज करना होगा। आगे इस पर शासन स्तर पर निर्णय लिया जाना है।
क्या 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ सिस्टम खत्म हो जाएगा, यदि नहीं तो कैसे मिलेगा लाभ? – शासन की सभी योजना का लाभ लोगों को पहले की तरह मिलता रहेगा। इसके लिए बिजली कंपनी की आईटी सेल काम कर रही है। घरेलू उपभोक्ताओं को 400 यूनिट के स्लैब को 30 दिनों में डिवाइड किया जाएगा। प्रतिदिन के छूट वाली यूनिट का रेट तय किया जाएगा। इससे लाभ मिलता रहेगा। इस तरह का सिस्टम बनाया जाएगा।
कई घरों से बिना सूचना के ही पुराने मीटर उखाड़कर ले जा रहे हैं? -बिना नया मीटर लगाए, पुराना निकाल नहीं सकते। पुराना निकालने से पहले मकान मालिक से बिजली बिल, आधार कार्ड लेकर नया मीटर लगाया जाता है। अगर बिना सूचना पुराना मीटर निकाला जा रहा है तो इसकी शिकायत की जा सकती है।