बिलासपुर जिले के ग्राम पंचायत टाटीधार और आस-पास के इलाकों में अवैध रेत खनन में बैगा जनजाति के छोटे-छोटे बच्चों से मजदूरी करने का मामला सामने आया

Chhattisgarh Crimesबिलासपुर जिले के ग्राम पंचायत टाटीधार और आस-पास के इलाकों में अवैध रेत खनन में बैगा जनजाति के छोटे-छोटे बच्चों से मजदूरी करने का मामला सामने आया है। यहां बैगा जनजाति के नाबालिग बच्चों से रेत ढुलाई और मजदूरी कराई जा रही है।

इस बात की जानकारी सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप कुमार शर्मा ने प्रशासन को दी है। उन्होंने बताया कि रेत खनन में लगे ठेकेदार और ट्रैक्टर वाले इन बच्चों से काम करवा रहे हैं। छोटे-छोटे बच्चों को पैसों का लालच देकर इन्हें शिक्षा से दूर रखा जा रहा है। यह न सिर्फ कानूनी उल्लंघन है, बल्कि बच्चों के मौलिक अधिकारों का भी हनन है। उन्होंने जिला कलेक्टर के साथ बाल कल्याण समिति से इस मामले में तुरंत कार्रवाई की मांग की है।

इसके अलावा सामाजिक कार्यकर्ता ने प्रशासन से ये मांगे की

1- इन बच्चों को तुरंत मजदूरी से छुड़ाकर स्कूल से जोड़ा जाए।

2- बाल मजदूरी करवाने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो।

3- बैगा परिवारों को कोई और अच्छा रोजगार दिया जाए, जिससे बच्चों को काम पर न भेजना पड़े।

कानून क्या कहता है? भारत में 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम कराना बालश्रम निषेध अधिनियम, 1986 के तहत दंडनीय अपराध है। दोषी पाए जाने पर जेल और आर्थिक दंड दोनों का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त यह बाल अधिकारों का भी सीधा उल्लंघन है।