छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में एक महिला ने अपने एक साल के बच्चे को साथ लेकर ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। इस घअना में महिला की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उसका बच्चा मां के शव के पास रेलवे ट्रैक पर बैठा रोता रहा। यह घटना अकलतरा थाना क्षेत्र की है।
रात को घर से निकली थी महिला
अकलतरा थाना प्रभारी मणिकांत पांडेय ने बताया कि शुक्रवार को कल्याणपुर और कोटमीसोनार स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक पर एक महिला की लाश की जानकारी मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने वहां देखा कि महिला के शव के पास एक बच्चा रो रहा था। स्थानीय लोगों इस बच्चे की रोने की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे थे।
इसके बाद उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी अकलतरा थाना की पुलिस को दी थी। प्राथमिक जांच में पुलिस ने महिला के सुसाइड से मौत की आशंका जताई है। जबकि इस घटना में उसके एक साल के बच्चे को खरोंच तक नहीं आई। बच्चा पूरी तरह सुरक्षित है। पुलिस बच्चे को अकलतरा अस्पताल ले गई। डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे को कोई चोट नहीं लगी है।
बच्चा बच गया, अस्पताल में भर्ती घटना के बाद आसपास के लोगों ने मासूम बच्चे को मां के शव के पास रोते हुए देखा। उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी अकलतरा थाना की पुलिस को दी। सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और बच्चे को अकलतरा अस्पताल ले गई। डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे को कोई चोट नहीं लगी है।
इसके बाद पुलिस ने महिला और बच्चे की पहचान के लिए बच्चे की फोटो सोशल मीडिया पर शेयर किया। इसके बाद मृत महिला की पहचान हुई। जांच में पता चला कि महिला गांव दर्री टांड़ की रहने वाली शिवकुमारी नायक है।फिर पुलिस ने महिला के परिजनों को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया।
शिवकुमारी की थी दूसरी शादी
इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। परिजनों से पूछताछ में पुलिस को पता चला कि महिला की पहले भी शादी हो चुकी थी। पहले पति से उसके दो बच्चे हैं। दूसरी शादी उसने मंतराम नायक से की थी, जिससे यह छोटा बच्चा है। दोनों कुछ दिन पहले ही दिल्ली से घर लौटे थे।
महिला का उसके पति मंतराम के साथ विवाद हुआ था। विवाद के बाद महिला अपने एक साल के बच्चे को साथ लेकर घर से निकल गई और कल्याणपुर और कोटमीसोनार स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक पर पहुंची और बच्चे के साथ ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी। जबकि बच्चा बाल-बाल बच गया। बच्चे को अकलतरा सीएचसी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसे कोई चोट नहीं आई।