जशपुर में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्य समिति सदस्य जगन्नाथ पाणिग्रहणी ने आपातकाल को लेकर कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया

Chhattisgarh Crimesजशपुर में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्य समिति सदस्य जगन्नाथ पाणिग्रहणी ने आपातकाल को लेकर कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को संविधान बचाने का ढोंग करने से पहले अपनी दादी इंदिरा गांधी के कार्यकाल का इतिहास पढ़ना चाहिए।

पाणिग्रहणी ने बताया कि 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने बिना कैबिनेट की सहमति के आधी रात को देश में आपातकाल घोषित किया। इस दौरान जयप्रकाश नारायण, लाल कृष्ण आडवाणी, अटल बिहारी वाजपेयी और मधु दंडवते समेत सवा लाख लोगों को जेल में डाल दिया गया।

उन्होंने कहा कि सरकार ने 38, 39, 40, 41 और 42वां संविधान संशोधन कर जनता से मौलिक अधिकार छीन लिए। जेल में बंद लोगों को न्यायालय में अपील का अधिकार नहीं था। न्यायालय से संवैधानिक समीक्षा का अधिकार भी छीन लिया गया।

पाणिग्रहणी ने बताया कि बिना विपक्ष के इंदिरा गांधी ने संविधान की प्रस्तावना में समाजवाद और धर्मनिरपेक्ष शब्द जोड़ दिए। जबकि बाबा साहेब अंबेडकर ने संविधान निर्माण के दौरान समाजवाद शब्द जोड़ने का विरोध किया था।

उनका मानना था कि लोकतांत्रिक देश में जनता को अपनी पसंद की विचारधारा अपनाने की आजादी होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के थोपे गए आपातकाल से प्रेस और पत्रकार भी सरकारी मिशनरी के अत्याचार से प्रभावित हुए थे। कई पत्रकार और संपादकों को जेल में डाल दिया गया था। प्रेस पर सेंसरशीप लागू कर दिया गया था। कोई भी लेख बिना सरकार के पूर्व अनुमति के प्रकाशित नहीं हो पाती थी।

पत्रकारवार्ता में जशपुर की विधायक रायमुनि भगत, वरिष्ठ नेता कृष्ण कुमार राय, जिला भाजपा अध्यक्ष भरत सिंह, जिला प्रवक्ता ओम प्रकाश सिन्हा, रूपेश सोनी, मीडिया प्रभारी फैजान खान उपस्थित थे।