छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में चार महिलाओं ने फर्जी मार्कशीट की मदद से आंगनबाड़ी सहायिका की नौकरी हासिल की थी। जिन पर केस दर्ज कर लिया गया है। इस मामले में कलेक्टर राजेंद्र कटारा का कहना कि फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, पात्र लोगों को उनका हक मिलना चाहिए।
दरअसल, यह पूरा मामला शंकरगढ़ ब्लॉक का है। जहां चार महिलाओं ने अजीजी पब्लिक स्कूल भगवतपुर/कुसमी की फर्जी कक्षा 8वीं की अंकसूची के आधार पर नौकरी हासिल की थी। मामला तब सामने आया जब ग्राम जारगीम की गायत्री ने कलेक्टर को शिकायत की। कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने तुरंत जांच के आदेश दिए।
इन महिलाओं ने किया था फर्जीवाड़ा
जिला शिक्षा अधिकारी और एसडीएम शंकरगढ़ की टीम ने 8 आंगनबाड़ी केंद्रों की भर्ती प्रक्रिया की जांच की। जिसमें पाया गया कि जारगीम की अरमाना, महुआडीह की रीजवाना, कोठली की प्रियंका यादव और बेलकोना की सुशीला सिंह ने फर्जी दस्तावेजों से नौकरी पाई थी। 20 अगस्त 2025 की जांच रिपोर्ट में इसे संगठित आपराधिक षड्यंत्र बताया गया।
अलग-अलग धाराओं में FIR
एकीकृत बाल विकास परियोजना कुसमी की प्रभारी परियोजना अधिकारी बबली यादव की शिकायत पर शंकरगढ़ पुलिस ने चारों महिलाओं के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में केस दर्ज किया है। इस मामले में 508 पृष्ठों की विस्तृत जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी गई है।