सरगुजा के राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव मेडिकल कॉलेज में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर तीन सालों से लटकी भर्ती प्रक्रिया निरस्त कर दी गई है। मेडिकल कॉलेज के डीन ने भर्ती प्रक्रिया निरस्त करने का आदेश जारी किया है। अब ये भर्तियां व्यापम के माध्यम से की जाएंगी। तृतीय और चतुर्थ वर्ग की भर्ती के लिए हजारों युवाओं ने आवेदन किया था, जिसका करीब डेढ़ करोड़ रुपए बतौर फीस जमा हुए था। इसे वापस करने को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस शासनकाल में अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में तृतीय और चतुर्थ वर्ग के कर्मचारियों की कमी की पूर्ति के लिए भर्ती का निर्णय लिया गया था। 2022 में मेडिकल कॉलेज में स्टेनोग्राफर, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट, वार्ड बॉय, आया, स्वीपर सहित अन्य पदों के लिए आवेदन मंगाए गए थे। इसमें बड़ी संख्या में जिले और संभाग के युवाओं ने आवेदन किया था। विवादों के बीच यह भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी। इस बीच 2023 के चुनाव में प्रदेश में सरकार बदल गई।
तीन साल बाद भर्ती निरस्त
खाली पदों पर भर्ती के लिए आवेदन करने वाले युवा इंतजार करते रह गए। भाजपा की सरकार बनने के बाद पुरानी भर्ती प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाई गई। 23 अप्रैल 2025 को स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति में स्वशासी समिति की बैठक हुई थी, जिसमें पुरानी भर्ती प्रक्रिया को निरस्त करने का निर्णय लिया गया था। मेडिकल कॉलेज के डीन ने 18 सितंबर को आदेश जारी कर पुरानी भर्ती प्रक्रिया को निरस्त कर दिया है।
व्यापम से होगी भर्ती, जमा फीस को लेकर संशय
मेडिकल कॉलेज के डीन के अनुसार, नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी और व्यापम के माध्यम से परीक्षा लेकर भर्ती प्रक्रिया को पूरी की जाएगी। यह नियुक्ति मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के रिक्त पदों के लिए की जानी है।
मेडिकल कॉलेज में नियुक्त के लिए 2022 में कितने आवेदन मिले थे, इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। फॉर्म भरने के लिए सामान्य और ओबीसी वर्ग के लिए प्रति फॉर्म 300, एससी-एसटी से 200 रुपए वसूले गए थे। युवाओं ने दो से तीन पदों के लिए आवेदन किया था। हजारों की संख्या में आवेदन जमा हुए थे।
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने जमा फीस को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया है। बताया गया है कि बेरोजगारों से करीब डेढ़ से दो करोड़ रुपए की राशि जमा कराई गई थी।