छत्तीसगढ़ में खराब सड़कों को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार को घेरना शुरू कर दिया

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ में खराब सड़कों को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सोशल मीडिया पर रायपुर-केशकाल-बस्तर मार्ग की हालत को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला।

बैज ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए इस सड़क को “गड्ढों का अंबार” बताया और उपमुख्यमंत्री व लोक निर्माण मंत्री अरुण साव की चुप्पी पर सवाल उठाए।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बनने के बाद प्रदेश में 2 सालों में सिर्फ 1.75 KM ही सड़क बनी है, फंड दोगुना होने के बावजूद सरकार सड़क नहीं बना पाई।

क्या लिखा है दीपक बैज ने

दीपक बैज ने सोशल मीडिया में पोस्ट कर लिखा- रायपुर-केशकाल-बस्तर मार्ग आज भाजपा सरकार के खोखले विकास दावों की पोल खोल रहा है। यह सड़क नहीं, बल्कि गड्ढों का जाल है। रोजाना जनता की जान जोखिम में पड़ रही है।”क्या बस्तर सरकार की प्राथमिकता में नहीं?”

“रायपुर-केशकाल-बस्तर मार्ग आज भाजपा सरकार के विकास के खोखले दावों की पोल खोल रहा है। यह सड़क नहीं, बल्कि गड्डों का अंबार बन चुकी है, जहाँ रोजाना जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ हो रहा है।

अरुण साव जी, उपमुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री होने के बावजूद आप इस स्थिति पर मौन क्यों हैं? क्या बस्तर की जनता आपकी प्राथमिकताओं में शामिल नहीं है?

इसी मार्ग से गुजरने वाले दंतेवाड़ा, चित्रकूट, जगदलपुर, नारायणपुर, कोंडागांव, केशकाल और कांकेर के भाजपा के मंत्रियों व विधायकों को क्या इस बदहाल स्थिति पर कोई चिंता नहीं है? बस्तर की जनता का यह एकमात्र मुख्य मार्ग कब तक झूठे वादों की भेंट चढ़ता रहेगा? जनता को विकास चाहिए, न कि खोखले वायदे।”

कांग्रेस का आरोप – सिर्फ 1.75 KM सड़क बनी, वो भी दो साल में

कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने दावा किया है कि सूचना के अधिकार (RTI) से मिली जानकारी के अनुसार, भाजपा सरकार बनने के बाद से अब तक सिर्फ 1.75 किलोमीटर सड़क का निर्माण हुआ है। यह सरकार सड़क बनाने या सड़क के सुधार में बिल्कुल ध्यान नहीं दे रही है।

सूचना के अधिकार में बताया गया कि सरकार बनने के बाद पौने 2 किलोमीटर सड़क ही बन पाई है, भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिकता में सड़कें बनाना है ही नहीं, सरकार के पास फंड नहीं है, बिजली बिल का दाम बढ़ाने के बावजूद, रजिस्ट्री का पैसा दोगुना करने के बावजूद सरकार के पास इतना पैसा नहीं है कि सड़कें बना पाए।