कांग्रेस नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने SIR फॉर्म भरने की प्रक्रिया को जटिल बताया है। उन्होंने कहा कि एमए पास होने के बाद भी फॉर्म भरने में मेरे पसीने छूट गए तो अबूझमाड़ में रह रहे लोगों का क्या होगा।
उन्होंने कहा कि मैं एमए पास हूं, तथाकथित दुनिया भी देख चुका हूं, फिर भी फॉर्म भरते समय 20 बार सोचना पड़ा कि कहीं गलती न हो जाए। अगर मुझे ऐसा महसूस हुआ तो अबूझमाड़ या किसी दूरस्थ गांव में रहने वाले व्यक्ति का क्या होगा?
दैनिक भास्कर से बातचीत में सिंहदेव ने कहा कि फॉर्म भरना बहुत मुश्किल है। उन्होंने बताया कि फॉर्म अभी तक सही तरीके से लोगों तक नहीं पहुंचे हैं। इसी कारण हमने पार्टी की मीटिंग भी बुलाई थी। कुछ मीडिया वालों के पास भी फॉर्म नहीं पहुंचे थे। समय कम है और फॉर्म आने पर इसे भरने में जटिलताएं आएंगी।
कांग्रेस ने बनाया कंट्रोल रूम, 90 विधानसभा में मास्टर ट्रेनर तैनात
एसआईआर अभियान की निगरानी के लिए प्रदेश कांग्रेस भवन में एक बड़ा कंट्रोल रूम बनाया गया है। सलाम रिजवी को इसका संयोजक नियुक्त किया गया है। कंट्रोल रूम जिलों से आने वाली शिकायतों, मतदाताओं के नाम काटे जाने और किसी भी अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई करेगा।
कांग्रेस ने सभी जिलों में मास्टर ट्रेनर नियुक्त किए हैं, जो बूथ लेवल एजेंट और कार्यकर्ताओं को एसआईआर प्रक्रिया समझाएंगे। यह भी निर्देश दिया गया है कि बिना कारण किसी मतदाता का नाम न हटने पाए।
समय सीमा 3 महीने बढ़ाने की मांग
कांग्रेस ने कहा कि इस समय राज्य में धान खरीदी चल रही है, किसान बेहद व्यस्त हैं। ऐसे में एसआईआर की समय सीमा तीन महीने बढ़ाई जानी चाहिए। पार्टी का आरोप है कि एसआईआर का इस्तेमाल कांग्रेस के मजबूत बूथों में मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए किया जा रहा है।
बीएलओ घर-घर जाएं, फोटोकॉपी और फोटो की व्यवस्था आयोग करे
कांग्रेस ने चुनाव आयोग से मांग की है कि बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन करें और मतदाता से लिखित पुष्टि लें। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में रहने वालों के पास फोटो खिंचवाने या फोटोकॉपी कराने की सुविधा नहीं है—इसका खर्च और जिम्मेदारी आयोग को उठानी चाहिए।
अब पढ़िए प्रदेश में कितने मतदाता हैं ?
राज्य निर्वाचन आयोग से मिले आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में 27 अक्टूबर 2025 की स्थिति के अनुसार 2 करोड़ 12 लाख 30 हजार 737 मतदाता है। इनमें से 2 करोड़ 10 लाख 25 हजार 208 मतदाताओं को एसआईआर का गणना फॉर्म मिल चुका है।
21 नवंबर 2025 तक प्रदेश में लगभग 65 लाख से अधिक गणना प्रपत्रों का डिजिटलाइज पूर्ण हो चुका है, जो प्रदेश के 2 करोड़ 12 लाख 30 हजार 737 पंजीकृत मतदाताओं का लगभग 31 प्रतिशत है।