महासमुन्द
महाभ्रष्टाचार गबन घोटाला
शिखा दास छग क्राईम्स*
: ✍🏽 क्या सत्ता पक्ष मे नेता फर्जी इंटरप्राइजेस चला कर करोड़ों का फर्जी आहरण कर सकता है?
💥 पूर्व सरपंच अहिल्या बरिहा/सचिव हजारीलाल कैवर्त पर धारा 92के तहत वसुली प्रकरण दर्ज/
💥 *फर्जी फर्म साहू इंटरप्राइजेस के नाम पर करोड़ों रूपए का भुगतान
ग्रामीणो की मांग वर्तमान सरपंच पति डुलीकेशन साहू पर हो कार्यवाही//
बरसों से सत्ता का धौंस दिखाकर केन्द्र राज्य शासन की योजनाओं की राशि फर्जी साहू इंटरप्राइजेस के नाम पर भारी गबन गटकने वाले डुलीकेशन साहू पर जब तक कार्यवाही नहीं होतीआन्दोलन जारी रहेगा : ग्रामीण युवा समिति
कांग्रेस नेता अनंत सिंह वर्मा ने कहा FIRहो जुर्म दर्ज हो ! सरकारी फण्ड में ऐसा भ्रष्टाचार असंवैधानिक*
डोगरीपाली पंचायत का माहौल भारी भ्रष्टाचार करने करवाने वाले वर्तमान सरपंच पति डुलीकेशन साहू के कारण बहुत ही गर्म हो चुका है //
फ़र्जी साहू इंटरप्राइजेस के संचालक दुलीगेशन साहू के विरुद्ध कार्यवाही तक जारी रहेगा आंदोलन कुछ पंच युवा समिति ग्रामीण कह रहे !
_जनपद पंचायत पिथौरा अंतर्गत ग्राम पंचायत डोंगरीपाली में पूर्व सरपंच अहिल्या बरिहा के कार्यकाल में हुए 1,39,26,093 रुपये के वित्तीय अनियमितता मामले में जिला पंचायत सीईओ हेमंत रमेश नंदनवार ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए पंचायत सचिव हजारी लाल कैवर्त को निलंबित कर दिया है।
साथ ही पूर्व सरपंच अहिल्या बरिहा एवं सचिव हजारीलाल कैवर्त से छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 92 के तहत वसूली हेतु प्रकरण अनुविभागीय अधिकारी_ राजस्व, पिथौरा को भेजा गया है।
गौरतलब है कि ग्राम पंचायत डोंगरीपाली के शिकायतकर्ता एम.डी. सागर द्वारा की गई शिकायत पर 3 बिंदुओं पर भौतिक सत्यापन कराया गया था।
जाँच टीम ने वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक के अभिलेखों की जांच की जिसमें भारी गड़बड़ी पाई गई।
जाँच प्रतिवेदन के अनुसार बिना किसी प्रमाणक के करोड़ों रुपये का भुगतान किया गया था।
ग्रामीण गंगाधर बरिहा, मुनुदाऊ सागर, खिरोद पटेल, अमितेष बरिहा, सीताराम साहू, सोनाराम पटेल, प्रदीप यदु, भुवनेश्वर मालिक ने बताया कि जिस साहू इंटरप्राइजेस नामक फर्म को भुगतान किया गया, वह पूरी तरह फर्जी फर्म है।
GST NUMBER BLACKLISTED
यह फर्म कहीं भी संचालित नहीं होती, साथ ही इसका जीएसटी नंबर भी ब्लैकलिस्टेड पाया गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि मौके पर कोई कार्य भी नहीं किया गया, फिर भी करोड़ों रुपये निकाल लिए गए।
जाँच के बाद भी सचिव हजारी लाल कैवर्त से जिला पंचायत द्वारा बार-बार प्रमाणक प्रस्तुत करने को कहा गया, परंतु उन्होंने कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया। इसके बाद जिला पंचायत सीईओ ने सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
💥शिकायतकर्ता एम.डी. सागर ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद भी प्रशासन दोषियों पर कार्रवाई नहीं कर रहा था, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ रहा था। ग्रामीणों ने 25 नवंबर को सीएम हाउस रायपुर घेराव की चेतावनी भी दी थी। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और यह कार्रवाई की गई। कार्रवाई के बाद ग्रामीणों ने घेराव कार्यक्रम स्थगित कर दिया। किन्तु जब तक फ़र्जी साहू इंटरप्राइजेस के संचालक दुलीगेशन साहू पर कार्यवाही नहीं हो जाता तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा ।
बयान
वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 92 के तहत प्रकरण दर्ज करने हेतु एसडीएम पिथौरा को सम्पूर्ण दस्तावेज के साथ पत्र प्रेषित किया गया है।
— रोहिदास पारेश्वर, सीईओ जनपद पंचायत पिथौरा