कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की सात दिवसीय शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन गुरुवार को जीवन की समस्याओं के समाधान पर प्रकाश डाला गया। पंडित मिश्रा ने कहा कि शिव महापुराण कथा जीवन की वह चाबी है, जिससे सभी समस्याएं दूर हो सकती है।
कथा के आयोजनकर्ता जितेंद्र जायसवाल की सराहना करते हुए पंडित मिश्रा ने कहा कि जिस प्रकार भागीरथी अपने पूर्वजों के उद्धार के लिए मां गंगा को धरती पर लाए थे, उसी तरह जायसवाल ने क्षेत्र के भक्तों के कल्याण के लिए इस कथा का आयोजन कर ‘भागीरथी प्रयास’ किया है।
पंडित मिश्रा ने कहा कि यह हम सबका सौभाग्य है कि बाबा की कृपा से हमें शिव महापुराण कथा सुनने का अवसर मिला है। उन्होंने भगवान शंकर को संपूर्ण जगत का पालनहार बताया और कहा कि उनके मात्र नमन से ही जगत का कल्याण हो जाता है।v
मानव जीवन का महत्व और भक्ति की आवश्यकता
कथावाचक ने मानव जीवन के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि मानव शरीर प्राप्त होना सौभाग्य की बात है। इस जीवन को भगवान भोले बाबा के प्रति मन लगाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि दवा और दुआ दोनों जरूरी हैं।
नमन, आशीर्वाद और भरोसे से दूर होती हैं समस्याएं
प्रदीप मिश्रा ने कहा कि भगवान को नमन और बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलने पर हर समस्या का समाधान हो जाता है। उन्होंने भक्तों से अपने भरोसे की चाबी भगवान शंकर को सौंपने का आग्रह किया।
पूर्व जन्म के कर्म, विश्वास और सच्ची भक्ति का प्रभाव
उन्होंने बताया कि पूर्व जन्म के अच्छे कर्मों और बाबा के आशीर्वाद से ही मानव जीवन मिलता है। मन में संशय होने पर कोई भी काम कभी नहीं बनता, जबकि विश्वास और भरोसे से कार्य अवश्य पूरा होता है। सच्चा भक्त ही भगवान को पहचान लेता है।