छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज इलाके के प्राथमिक शाला जावाखाड़ी में गिनती में गलती करने पर टीचर ने दूसरी कक्षा के 7 साल के स्टूडेंट को इतना जोर से थप्पड़ मार दिया कि उसकी आंख में खून उतर आया और चेहरा सूज गया। घर पहुंचने पर रोते हुए बच्चे ने परिजनों को पूरी घटना बताई। इसके बाद गुस्साए परिजनों ने शिक्षक के खिलाफ पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।
परिजनों ने टीचर पर शराब के नशे में स्कूल आने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि घटना वाले दिन भी टीचर नशे में थे। यह मामला त्रिकुंडा थाना क्षेत्र का है।
जानिए पूरी घटना
जानकारी के अनुसार, रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत पलगी स्थित प्राथमिक शाला जावाखाड़ी में कक्षा एक से कक्षा पांचवीं कक्षा के 30 से 35 बच्चे पढ़ते हैं। रोज की तरह शुक्रवार को बच्चे स्कूल पहुंचे थे। लंच के बाद दूसरी कक्षा में मैथ सब्जेक्ट की क्लास लेने टीचर उदय यादव पहुंचे। उन्होंने छात्र भागीरथी से गिनती सुनाने को कहा। गिनती बोलते समय बच्चे से गलती हो गई।
गिनती में गलती करने पर 7 साल के बच्चे की पिटाई
गिनती बोलते समय बच्चे से गलती हो गई। इस पर टीचर पर भड़क गए और अपना नियंत्रण खो बैठे। टीचर ने गुस्से में बच्चे के दोनों गालों पर एक के बाद एक कई थप्पड़ जड़ दिए। जब मासूम डर के कारण सिर नीचे झुकाने लगा, इस पर टीचर का गुस्सा शांत नहीं हुआ। उन्होंने उसे लगातार पीटना जारी रखा।
टीचर के इतनी जोर से थप्पड़ मारने से बच्चे की आंख में खून उतर आया और उसका चेहरा सूज गया। घर पहुंचने पर रोते हुए बच्चे ने परिजनों को पूरी घटना बताई।
परिजनों ने टीचर के खिलाफ थाने में की एफआईआर
इसके बाद परिजन तुरंत उसे लेकर त्रिकुंडा थाना पहुंचे। उन्होंने टीचर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। भागीरथी के पिता धनंजय यादव ने टीचर पर आरोप लगाया कि वो अक्सर नशे में ही स्कूल पढ़ाने आते हैं। घटना वाले दिन भी टीचर नशे की हालत में थे। उनका यह भी कहना है कि शिक्षक
शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की जांच
त्रिकुंडा थाना प्रभारी जवाहर तिर्की ने कहा, परिजनों की शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच में यह भी देखा जाएगा कि घटना के समय टीचर वास्तव में नशे की हालत में थे या नहीं।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी विजय कुशवाहा ने कहा कि उन्हें आपके माध्यम से इस घटना की जानकारी मिली है और वे इसकी जांच कर रहे हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव ने कहा है कि घटना की जांच के लिए विकासखंड शिक्षा अधिकारी को त्रिकुंडा थाना भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस मामले में संबंधित शिक्षक के खिलाफ प्राथमिक शिकायत दर्ज कराई जाएगी और जरूरत पड़ने पर शिक्षक को निलंबित भी किया जाएगा।
गांव में बढ़ा आक्रोश
घटना सामने आने के बाद पूरे गांव में गुस्सा है। ग्रामीणों का कहना है कि छोटे बच्चों के साथ इस तरह की हिंसा बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जा सकती। लोगों ने आरोपी शिक्षक पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।