गांजा तस्करी के मामले में एनडीपीएस एक्ट विशेष न्यायालय ने चार आरोपितों को दस-दस साल के कारावास की सजा सुनाई है। इन सभी पर एक-एक लाख रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड का भुगतान न करने पर उन्हें तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
सजा पाने वाले आरोपितों में तीन पंजाब राज्य के निवासी हैं, जबकि एक महिला उत्तर प्रदेश की रहने वाली है। लोक अभियोजक अजय सिन्हा ने बताया कि जशपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी। इसके आधार पर पुलिस टीम ने 10 अक्टूबर 2024 को ओडिशा और छत्तीसगढ़ की अंतरराज्यीय सीमा पर स्थित उपरकछार जांच नाके पर कार्रवाई की।
ओडिशा की ओर से आ रही एक कार (पीबी एक्यू 1759) की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान कार की डिक्की और सीटों के नीचे प्लास्टिक पैकेटों में छिपाकर रखा गया 26 किलो गांजा जब्त किया गया। इस मामले में तपकरा थाने में आरोपितों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 120बी के तहत अपराध दर्ज किया गया।
गांजा तस्करी में चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने कार और गांजा जब्त करते हुए एक महिला सहित चार तस्करों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार किए गए आरोपितों में पंजाब के लुधियाना जिले के सानेवाल निवासी कपिल कुमार (26) और राजेश कुमार (21) शामिल थे। इसी जिले के कुमकला थाना क्षेत्र के रायपुरबेट निवासी संदीप सिंह (27) और उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के लालगंज निवासी महिला कृति देवी (24) भी आरोपितों में शामिल थीं।
एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज
पुलिस ने इन आरोपितों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया था। न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक अजय सिन्हा ने पैरवी की, जबकि बचाव पक्ष से एडवोकेट राधेश्याम गुप्ता और सुदेश गुप्ता ने अपना पक्ष रखा।
अदालत में दोनों पक्षों ने रखे तर्क
दोनों पक्षों की ओर से प्रस्तुत किए गए तर्कों, तथ्यों और सबूतों के आधार पर न्यायालय ने चारों आरोपितों को दोषी मानते हुए दस-दस साल के कारावास और एक-एक लाख रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई।