बलौदाबाजार जिले में धान खरीदी की धीमी रफ्तार से किसान आक्रोशित हैं। पहले 16 दिनों में केवल 15 लाख क्विंटल धान की खरीदी हो पाई है, जबकि कुल लक्ष्य 87.92 लाख क्विंटल है। शेष 35 दिनों में 65.72 लाख क्विंटल धान खरीदना बाकी है, जो एक बड़ी चुनौती है। वहीं, जिले में अवैध धान की खरीद-फरोख्त पर प्रशासन सख्त है। जिले के अलग-अलग केंद्रों से 287 बोरी अवैध धान और 110 नए बारदाने जब्त किए गए। वहीं, एक सहकारी समिति के अध्यक्ष के निवास स्थान से ही बड़ी मात्रा में अवैध धान और नए बोरे बरामद हुए है। धान खरीदी धीमी, किसान चिंतित: लक्ष्य से पीछे, रोजाना 52 हजार क्विंटल कम खरीदी
जिले में धान खरीदी धीरे धीरे हो रही है। रोजाना औसतन 1.87 लाख क्विंटल से अधिक धान खरीदना होगा। हालांकि, वर्तमान दैनिक खरीदी क्षमता केवल 1.36 लाख क्विंटल बताई जा रही है। इस प्रकार, रोजाना की जरूरत और वास्तविक खरीदी के बीच लगभग 52 हजार क्विंटल का बड़ा अंतर है।
यदि यही स्थिति बनी रही, तो लगभग 18 लाख क्विंटल धान की खरीदी नहीं हो पाएगी और कई किसान अपना धान बेचने से वंचित रह जाएंगे। इस मुद्दे पर विधायक संदीप साहू ने तत्काल पूरे जिले की खरीदी सीमा (लिमिट) बढ़ाने की मांग की है।
उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने इस मामले में देरी की, तो वे किसानों के साथ मिलकर धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। विधायक के दिए जांच के निर्देश
विधायक संदीप साहू ने हाल ही में छेरकापुर और लच्छनपुर खरीदी केंद्रों का दौरा किया। वहां किसानों ने उन्हें बताया कि खरीदी सीमा कम होने के कारण वे अपना धान नहीं बेच पा रहे हैं।
छेरकापुर समिति में एक कर्मचारी द्वारा 15 लाख रुपए के गबन का मामला भी सामने आया, जिस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस पर विधायक ने पलारी के एसडीएम दीपक निकुंज को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
जिले में 166 खरीदी केंद्र
किसान 1 लाख 66 760
रकबा 1 लाख 70 हजार हेक्टेयर
कुल खरीदी लक्ष्य 87 लाख 92 हजार क्विंटल
अब तक खरीदी 16 दिनों में करीब 15 लाख क्विंटल
खरीदी लिमिट रोजाना जिससे खरीदी हो रहा 1 लाख 36 हजार क्विंटल जरूरत खरीदी लिमिट प्रति दिन 1 लाख 90 हजार क्विंटल है
जिले में पकड़ाया अवैध धान और बारदाना
कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर राजस्व, खाद्य और मंडी विभाग की संयुक्त टीम ने अवैध धान के खिलाफ कार्रवाई की। सिमगा तहसील के ग्राम बनसांकरा में बनसांकरा धान खरीदी समिति के अध्यक्ष सुनील नायक और पुरुषोत्तम नायक के गोदाम पर छापेमारी की गई।
टीम ने यहां समिति के नए बारदानों में रखे 40 और 20 बोरी धान के साथ लगभग 110 नए खाली बारदाने जब्त किए। जब्त सामग्री को बाद में सहकारी समिति चौरेंगा (चंदेरी) को सौंप दिया गया।
यह घटना इसलिए गंभीर मानी जा रही है क्योंकि धान खरीद प्रक्रिया को नियमित और पारदर्शी बनाने की जिम्मेदारी संभालने वाले पदाधिकारी के यहाँ से ही अवैध स्टॉक मिला है। अलग-अलग घरों में मिले अवैध धान
इसके अलावा भाटापारा क्षेत्र के ग्राम खैरी आर में रमेश किराना के यहां से बिना लाइसेंस नवीनीकरण के जमा किए गए 50 बोरी धान जब्त किया गया, जिसे ग्राम पंचायत सचिव को सुपुर्द किया गया। वहीं, पलारी क्षेत्र के ग्राम गुमा निवासी कृष्णा वर्मा से 177 बोरी अवैध धान बरामद कर ग्राम कोटवार को सौंपा गया।
प्रशासन ने बताया कि कोचियों और बिचौलियों पर अंकुश लगाने के लिए इस तरह की निरंतर कार्रवाई जारी रहेंगी। इसका उद्देश्य किसानों के हितों की रक्षा करना और धान की खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना है।