पुलिस ने पिछले 6 महीने मं रायपुर में सक्रिय 13 पैडलर्स ग्रुप पर कार्रवाई की है। इनमें 53 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ये सभी जेल में बंद है। इस तरह से पुलिस ने रायपुर में ड्रग्स के बड़े नेटवर्क को तोड़ने का प्रयास किया है। हालांकि पुलिस की इस सख्ती और कार्रवाई के बावजूद रायपुर में लगातार ड्रग्स आ रहा है।
रायपुर में ड्रग्स सप्लाई के नेटवर्क में इन दिनों बड़ा बदलाव हुआ है। पहले राजस्थान और पंजाब के तस्कर लोकल पैडलर्स के माध्यम से ड्रग्स की सप्लाई करते थे, लेकिन पुलिस की सख्ती के बाद अब वे लोकल पैडलर्स पर भरोसा नहीं कर रहे हैं।
अब तस्कर खुद ही आकर ड्रग्स की सप्लाई कर रहे हैं। इसका खुलासा स्टेशन रोड स्थित एक होटल से पकड़े गए पैडलर्स से हुआ है। पूछताछ में कैलाश ने बताया कि वह पाकिस्तान से ड्रग्स लेकर आया था। पहले वह लोकल पैडलर्स के जरिए ड्रग्स की डिलीवरी देता था, लेकिन वे जेल में बंद हैं, इसलिए अब खुद डिलीवरी देने आ रहा है।
पैटर्न भी बदला, रायपुर में नहीं आसपास के शहरों में दे रहे डिलीवरी पिछले कुछ दिनों में जिन तस्करों को पकड़ा गया है, उनसे पूछताछ में तस्करी के नए पैटर्न के बारे में भी पुलिस को अहम जानकारी मिली है। तस्करों ने बताया कि रायपुर में ड्रग्स के खिलाफ सख्ती के बाद पैडलर्स अब राजधानी से लगे आसपास के शहरों में डिलीवरी देने लगे हैं।
इसमें दुर्ग, महासमुंद, धमतरी और बिलासपुर में ड्रग्स की सप्लाई हो रही है। वहां से अलग-अलग माध्यमों से ड्रग्स रायपुर पहुंचाया जा रहा है। इसके चलते नए नेटवर्क को ट्रैक करने में पुलिस को परेशानी हो रही है, क्योंकि नशा करने वालों को इन शहरों में बुलाया जा रहा है और फिर पार्सल बनाकर ड्रग्स दिया जा रहा है।
पुराने पैडलर्स का अभी भी चल रहा नेटवर्क जेल में बंद पैडलर्स का नेटवर्क अभी भी सक्रिय है। उनके साथी अपने-अपने नेटवर्क के जरिए ड्रग्स की सप्लाई कर रहे हैं। पुलिस की कार्रवाई के बावजूद लोग चोरी-छिपे ड्रग्स मंगा रहे हैं और नशा कर रहे हैं। पुलिस के पास 310 से अधिक ड्रग्स लेने वालों के मोबाइल नंबर है।
इनमें से अधिकांश संभ्रांत परिवारों के हैं। इसलिए उन्हें अब तक थाने नहीं बुलाया गया है। अब ये लोग सीधे बड़े पैडलर्स से संपर्क कर रहे हैं। रायपुर और आसपास के शहरों में ऐसे 600 से अधिक लोगों की जानकारी सामने आई है।
3 करोड़ का ड्रग्स पुलिस ने पकड़ा रायपुर पुलिस अब तक 13 पैडलर्स ग्रुप के 53 से अधिक लोगों से करीब 3 करोड़ रुपए का ड्रग्स बरामद कर चुकी है। गिरफ्तार तस्करों में सुवित श्रीवास्तव ग्रुप, पिंदर सिंह उर्फ पाबलो, मनमोहन सिंह, नविया उर्फ नाव्या मलिक, विधि अग्रवाल, कमलेश अरोड़ा उर्फ लाली, बगेल सिंह, आयुष दुबे, गगनदीप सिंह, पराग बरछा, अब्दुल करीम, दिलबाग सिंह समेत अन्य शामिल हैं।