छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में युवा कांग्रेस का आरोप है कि शहर में लगातार प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। उद्योगों से निकलने वाला जहरीला धुआं और रासायनिक कणों का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। ऐसे में युवा कांग्रेस की ओर से खून से पत्र कार्यक्रम रखा गया। इस दौरान युवा कांग्रेस के नेताओं ने खून से पत्र लिखा और बढ़ते प्रदूषण के खिलाफ जमकर नारे लगाए।
महात्मा गांधी चौक पर दोपहर 12 बजे से युवा कांग्रेसी और अन्य लोग इकट्ठा हुए। इसके बाद जिले में बढ़ते प्रदूषण को लेकर नारेबाजी की गई। बताया गया कि रायगढ़ अब रहने लायक नहीं रहा है। हर घर इस पीड़ा से जूझ रहा है। उद्योगों से निकलने वाले धुएं और प्रदूषण से लोग परेशान हो चुके हैं। इसके बाद युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष आशीष जायसवाल समेत अन्य युवा कांग्रेसियों ने राष्ट्रपति के नाम खून से पत्र लिखा।
पत्र में लिखा गया कि रायगढ़ को प्रदूषण से बचाया जाए। सादे कागज पर खून से लिखा गया यह पत्र राष्ट्रपति, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस, एनजीटी, मुख्यमंत्री, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री समेत संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को भेजा जाएगा, ताकि रायगढ़ को प्रदूषण से मुक्ति दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जा सकें।
लोगों को पंपलेट भी बांटे गए
युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष आशीष जायसवाल ने बताया कि इस कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने के बाद पिछले 3–4 दिनों से शहर में पंपलेट बांटे जा रहे थे। करीब 5 हजार पंपलेट छपवाए गए थे, जिन्हें शहर के अलग-अलग स्थानों पर वितरित किया गया।
पहले भी सौंप चुके हैं ज्ञापन
जिलाध्यक्ष आशीष जायसवाल ने बताया कि रायगढ़ के प्रदूषण को लेकर यह प्रतीकात्मक प्रदर्शन है। हर घर में प्रदूषण से महिलाएं, बच्चे और पुरुष परेशान हैं। हमने यह लड़ाई छेड़ी है और खून से पत्र लिखकर “रायगढ़ को बचा लो” की अपील की है।
जिसे राष्ट्रपति, चीफ जस्टिस, मुख्यमंत्री और अन्य अधिकारियों को भेजा जाएगा। प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। हमने पहले भी ज्ञापन सौंपा था, लेकिन उसका कोई असर नहीं हुआ। खून से पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए प्रदूषण की समस्या के निराकरण की मांग की गई है।