कोरबा में पसान थाना पुलिस पर एक नाबालिग लड़की के अपहरणकर्ता को 10 हजार रुपए और एक बकरे के बदले छोड़ने का गंभीर आरोप लगा

Chhattisgarh Crimesकोरबा में पसान थाना पुलिस पर एक नाबालिग लड़की के अपहरणकर्ता को 10 हजार रुपए और एक बकरे के बदले छोड़ने का गंभीर आरोप लगा है। परिजनों का दावा है कि पुलिस के छोड़े जाने के बाद नाबालिग घर पहुंची और यह जानकारी दी। जिसके आधे घंटे बाद वह फिर लापता हो गई। यह मामला पसान थाना क्षेत्र का है। परिवार ने सोमवार शाम पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत पत्र सौंपा। शिकायत के अनुसार, नाबालिग बेटी 26 नवंबर को साप्ताहिक बाजार जाने के बाद लापता हो गई थी। परिजनों की तलाश में पता चला कि उसे आखिरी बार शनि नामक युवक के साथ देखा गया था।

 

उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया। 2 जनवरी को पसान थाने से पीड़ित परिवार को बुलाया गया। जब वे थाने पहुंचे, तो उन्हें दस्तावेज पर हस्ताक्षर कराने के बाद बयान दर्ज कराने के लिए कटघोरा न्यायालय चलने को कहा गया। घर पहुंचने के बाद नाबालिग का चौंकाने वाला खुलासा

 

परिजन वाहन में बैठे, जिसके बाद नाबालिग भी वाहन में बैठी और परिजनों को उसके मिलने की जानकारी हुई। हालांकि, किसी कारणवश कोर्ट में बयान दर्ज नहीं हो सका। पुलिसकर्मियों ने नाबालिग को परिजनों के साथ घर लौटने की सलाह दी। घर पहुंचने के बाद नाबालिग ने परिजनों को चौंकाने वाली जानकारी दी।

 

एसआई और आरक्षण ने पैसे-बकरे मांगे

 

उसने बताया कि एसआई कुर्रे और आरक्षक मधुकर ने शनि से 10 हजार रुपए लिए हैं और एक बकरे की भी मांग की है। नाबालिग ने यह भी बताया कि पुलिसकर्मियों ने उससे कहा था कि बयान दर्ज कराने के बाद वह शनि के साथ जा सकती है। यह बात उसके दिमाग में बैठ गई और वह करीब आधे घंटे बाद ही परिजनों को बिना बताए कहीं चली गई।

 

मामला रफा-दफा करने के लिए की गई डिमांड

 

शिकायत पत्र में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि पसान थाने के एसआई कुर्रे और आरक्षक मधुकर ने आरोपी युवक से 10,000 रुपए कैश लिए और एक बकरे की मांग की। परिजनों का आरोप है कि यह सौदेबाजी बयान दर्ज कराने और मामले को रफा-दफा करने के लिए की गई थी।जांच के बाद होगी कार्रवाई- ASP

 

इस मामले पर एडिशनल नीतिश ठाकुर ने बताया कि नाबालिग के पिता ने शिकायत दर्ज कराई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कटघोरा एसडीओपी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।