कोरबा में सीएसईबी प्रबंधन को लोगों के भारी विरोध के आगे झुकना पड़ा। सीएसईबी कॉलोनी से स्याहीमुड़ी को जोड़ने वाले मार्ग को बंद करने का उसका प्रयास विफल रहा। अब यह मार्ग पहले की तरह सामान्य आवागमन के लिए खुला रहेगा।
हंसदेव ताप विद्युत परियोजना दर्री प्रबंधन इस मार्ग को बंद करना चाहता था। प्रबंधन का तर्क था कि खुले रास्ते से कई समस्याएं हो रही हैं। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना था कि यह रास्ता लंबे समय से उपयोग में है और इसे बंद करने से उन्हें लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा, जिससे स्कूली बच्चों और आम लोगों को भारी परेशानी होगी।
शिकायतें सुनीं और प्रबंधन से बातचीत की
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों की शिकायतें सुनीं और प्रबंधन से उनके इरादे के बारे में पूछा। व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए, अंततः यह निर्णय लिया गया कि रास्ते पर 6 फीट का गेट लगाया जाएगा, लेकिन सामान्य आवागमन पहले की तरह जारी रहेगा।
इस दौरान पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि वे 15 साल तक मंत्री और विधायक रहे, लेकिन ऐसी स्थिति कभी नहीं बनी कि बातचीत करनी पड़े। उनका काम एक फोन पर हो जाता था। उन्होंने लोगों से कहा कि यह समस्या क्यों और किसलिए आई है, इसका आकलन वे स्वयं करें।
पूर्व मंत्री का जताया आभार
अपने पक्ष में निर्णय आने से स्थानीय लोग काफी खुश नजर आए। उन्होंने एक बार फिर जयसिंह अग्रवाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने पहले भी उनकी समस्याओं का समाधान किया है और इस बार भी उनका पूरा सहयोग मिला है।