दुर्ग जिले के पाटन में 27 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया

Chhattisgarh Crimesदुर्ग जिले के पाटन में 27 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। बचपन के ही दोस्त ने अपनी लाचारी की दुहाई देकर व्यापार करने के लिए पहले दोस्त से 27 लाख रुपए ले लिए। जब दोस्त ने पैसे वापस मांगे तो उसे झूठे केस में फंसाने और जान से मारने की धमकी देने लगा।

जब पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज नहीं किया तो पीड़ित दोस्त ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश के पाटन पुलिस ने आरोपी दोस्त के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। यह पूरा मामला पाटन थाना क्षेत्र का है।

पाटन जनपद में संविदा इंजीनियर है आरोपी

आरोपी अनिरुद्ध ताम्रकार जनपद कार्यालय पाटन में संविदा जूनियर इंजीनियर के पद पर पदस्थ है। पत्नी भावना ताम्रकार के नाम पर दुकान खोलने के लिए आरोपी ने दोस्त से पैसे उधार लिए थे। दोस्त को पिछले 7 महीने से वेतन न मिलने का हवाला दिया था। दोस्त ने आरोपी की आर्थिक स्थिति को देखते हुए मदद की थी। लेकिन बाद में पैसे वापस न देने के लिए आरोपी बहाने बनाने लगा।

होलसेल व्यापारी से लेते रहा माल

शिकायत में बताया गया कि, आकाश कुमार शर्मा साल 2017 से प्रोटीन सप्लीमेंट्स के होलसेल व्यापार से जुड़ा है। अनिरुद्ध ताम्रकार उसके बचपन का दोस्त है। साल 2021 में आरोपी ने वेतन न मिलने की बात कहते हुए आर्थिक परेशानी बताई।

अपनी पत्नी के नाम पर रिसाली (भिलाई-दुर्ग) में प्रोटीन सप्लीमेंट्स की दुकान खोलने की बात कही। सरकारी नौकरी में होने के कारण दुकान अपने नाम पर न खोल पाने की बात कहकर आरोपी ने परिवादी से सहयोग मांगा।

पत्नी के खाते में भेजे पैसे

पीड़ित के अनुसार, आरोपी की पत्नी भावना ताम्रकार के खाते से 5 अक्टूबर 2021 को 5 लाख रुपए HDFC बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए और 1 लाख रुपए कैश दिए गए। इसके बाद सितंबर से 5 अक्टूबर 2021 के बीच और 7 से 11 अक्टूबर के बीच कुल 27 लाख रुपए का प्रोटीन सप्लीमेंट्स का सामान सप्लाई किया गया।

दुकान खुलने के बाद भुगतान की मांग करने पर आरोपी ने किश्तों में जून 2022 तक करीब 6 लाख रुपए लौटाए। जुलाई 2022 में आरोपी ने फिर से रकम की आवश्यकता बताते हुए 6 लाख रुपए कैश उधार ले लिए, लेकिन इसके बाद भी राशि वापस नहीं की।

पत्नी के साथ छेड़खानी और फंसाने की दी धमकी

लगातार पैसे की मांग करने पर आरोपी ने फोन उठाना बंद कर दिया। एक बार संपर्क होने पर पीड़ित को जान से मारने की धमकी दी और पत्नी के साथ छेड़छाड़ के झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी। इस संबंध में पीड़ित ने 25 अक्टूबर 2025 को पाटन थाने में शिकायत की थी।

आरोप है कि पुलिस ने केवल धारा 155 के तहत हस्तक्षेप योग्य नोटिस दर्ज किया और FIR नहीं की गई। इसके बाद 28 अक्टूबर 2025 को पुलिस अधीक्षक दुर्ग को भी लिखित शिकायत दी गई, लेकिन वहां से भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे आहत होकर परिवादी ने न्यायालय की शरण ली।

कोर्ट ने कहा- 7 दिन में करें केस दर्ज

न्यायालय ने आवेदन, दस्तावेजों और पुलिस की जांच प्रतिवेदन का अवलोकन करते हुए प्रथम दृष्टया गंभीर संज्ञेय अपराध पाया। कोर्ट ने इस मामले में पुलिस को अपराध दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बाद पाटन पुलिस ने धारा 318, 296, 351(2) और 3(5) BNS के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस का कहना है कि दस्तावेजों, बैंक ट्रांजेक्शन और गवाहों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।