अंधविश्वास और मां की बीमारी का डर दिखाकर ठगों ने एक साइकिल दुकानदार को अपने जाल में फंसा लिया। पूजा-पाठ और देवी आराधना के नाम पर आरोपी पहले भरोसा जीतते रहे, फिर मौका पाते ही सोने के कंगन और लाखों कैश लेकर फरार हो गए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने ठगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला दुर्ग जिले के छावनी थाना क्षेत्र का है।
दरअसल, पीड़ित सदानी नगर सिंधी कॉलोनी, स्टेशन रोड दुर्ग का निवासी है और धमधा नाका दुर्ग में संजय साइकिल स्टोर्स नाम से दुकान चलाता है। करीब 15 दिन पहले दो लोग उसकी दुकान पर साइकिल देखने के बहाने पहुंचे। सामान्य बातचीत के दौरान उन्होंने उसका मोबाइल नंबर लिया और अपना नाम राजू बताते हुए संपर्क में बने रहे।
फोन कर कहा पूजा-पाठ से बीमारी कर देंगे दूर
आरोपी राजू ने फोन कर पीड़ित को मानसिक रूप से डराना शुरू किया। उसने कहा कि उसे पता चला है कि उसकी मां की तबीयत हमेशा खराब रहती है और यह किसी ऊपरी बाधा का असर है। राजू ने दावा किया कि वह पूजा-पाठ और देवी साधना से बीमारी पूरी तरह ठीक कर सकता है, लेकिन इसके लिए खर्च करना पड़ेगा। लगातार फोन कॉल कर आरोपी पीड़ित का भरोसा जीतते रहे।
पहले चढ़ावे के नाम पर एक नारियल और 1100 रुपए लिए
16 जनवरी 2026 को राजू ने पीड़ित को पावर हाउस फल मार्केट के पास बुलाया। वहां राजू के साथ एक महिला भी मौजूद थी। दोनों ने देवी मां को चढ़ावे के नाम पर एक नारियल और 1100 रुपए मांगे, जिसे पीड़ित ने दे दिया।
इसके बाद आरोपियों ने कहा कि अगर विधिवत पूजा कराई गई तो मां पूरी तरह स्वस्थ हो जाएंगी। इसके लिए मां के पहने हुए सोने के आभूषण और चार लाख रुपए घर के मंदिर में रखने की बात कही गई।
रेलवे स्टेशन में गहने लेकर बुलाया और भाग गए
इसके बाद 20 जनवरी 2026 को दोपहर करीब 2.30 बजे आरोपियों ने फोन कर पीड़ित को रेलवे स्टेशन पावर हाउस, भिलाई के पास बुलाया। पीड़ित अपनी कार CG07 BS 0514 से वहां पहुंचा। आरोपियों के कहने पर उसने अपनी मां के चार सोने के कंगन, प्रत्येक करीब 15 ग्राम वजन के, कुल 60 ग्राम जिसकी कीमत लगभग 5 लाख रुपए है, साथ ही 8 लाख 82 हजार 300 रुपए नकद उन्हें सौंप दिए।
आरोपियों ने कहा कि वे शाम को उसके घर आकर पूजा करेंगे, लेकिन न तो वे घर पहुंचे और न ही दोबारा संपर्क किया। जब पीड़ित ने उनके मोबाइल नंबरों पर कॉल किया तो फोन बंद मिला। तब जाकर उसे ठगी का एहसास हुआ।
आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
पीड़ित ने घटना की जानकारी अपने माता-पिता को दी और पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि वह आरोपियों को सामने आने पर पहचान सकता है। पुलिस ने मोबाइल नंबरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर भी उनकी तलाश की जा रही है।