छत्तीसगढ़ के कोरबा में एक पुल रातों-रात चोरी हो गया। रात तक पुल सही सलामत था, लेकिन अगले दिन सुबह पुल में लगी लोहे की 15 टन रेलिंग गायब मिली। रशियन हॉस्टल के पास ढोढ़ीपारा इलाके में नहर पर यह पुल 40 साल पहले बना था।
घटना वाली रात चोर अपने साथ गैस कटर, ऑक्सीजन सिलेंडर और एलपीजी सिलेंडर लेकर आए थे। उन्होंने पूरी रात मशक्कत कर पुल के 80 फीट लंबी रेलिंग के एक-एक हिस्से को काटा। फिर लोहे को काट-काटकर टुकड़े किए और गाड़ी में भरकर अपने साथ ले गए। मामला सीएसईबी चौकी क्षेत्र का है।
जानकारी के मुताबिक 15 आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया है, इसमें 5 आरोपी पकड़े गए हैं। बता दें कि इस पुल से नगर निगम के वार्ड नंबर 17 के लोग शहर तक आते-जाते थे, पुल चोरी होने के बाद से आवाजाही बंद है।
सपोर्टिंग एंगल कटता को गिर जाता पुल
वार्ड नंबर 17 ढोढ़ीपारा के पार्षद लक्ष्मण श्रीवास ने बताया कि नहर किनारे लोगों की आवाजाही के लिए लगाई गई 70 से 80 फीट लंबी लोहे की रेलिंग रातों-रात गायब हो गई। चोरों ने गैस कटर का इस्तेमाल कर इसे काटा, जिसके कुछ हिस्से नहर में भी गिरे मिले। यह चोरी तब सामने आई जब सुबह लोग वहां से गुजरे।
जानकारी के मुताबिक, पुल 40 साल पुराना था। इसमें लगी मोटे मोट लोहे की प्लेट इतनी मजबूत थी कि 40 साल से इसे कोई नुकसान नहीं पहुंचा था।
पाइपलाइन को सहारा देने लगा स्ट्रक्चर भी गायब
पार्षद श्रीवास ने यह भी बताया कि चोरों ने केवल इस पुल की ही चोरी नहीं की, बल्कि इसी क्षेत्र में ढेंगुरनाला के ऊपर नगर पालिका निगम की जल आवर्धन योजना के तहत बिछाई गई पाइपलाइन को सहारा देने के लिए बनाए गए लोहे के स्ट्रक्चर को भी पार कर दिए।
इसमें लगे लोहे के एंगल को लगभग 15 फीट तक काट कर ले गए। इससे पाइपलाइन की सुरक्षा भी चरमरा गई है। जल्द ही पाइपलाइन को सपोर्ट नहीं किया जाता है तो पाइपलाइन भी गिर सकती है। पाइपलाइन गिरती तो पानी की समस्या हो जाती।
पार्षद ने आशंका जताई कि यदि रेलिंग के निचले हिस्से और सपोर्टिंग एंगल्स को भी काट दिया जाता है, तो पाइपलाइन का एक बड़ा हिस्सा गिर सकता है, जिससे कोई बड़ा हादसा हो सकता है।