जगदलपुर: बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के मंदिर में हुई चोरी की घटना ने न केवल श्रद्धालुओं की आस्था को झकझोर दिया है, बल्कि शहर की पुलिस व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर भी गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। मंदिर जैसे अति संवेदनशील और धार्मिक स्थल में साढ़े छह लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषणों की चोरी यह बताती है कि अपराधी कितने बेखौफ हैं और निगरानी व्यवस्था कितनी ढीली।
घटना शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात करीब 1.30 बजे की है। बसंत पंचमी के कारण देर रात तक मंदिर में भीड़ रही थी। रात करीब 11 बजे पुजारी ने मंदिर के पट बंद किए। इसके बाद अज्ञात चोर ने मंदिर के पीछे बने दरवाजे को तोड़कर प्रवेश किया और माता की एक अन्य प्रतिमा से सोने का हार, सोने का लाकेट लगी चांदी की चेन समेत लगभग चार तोला सोना चोरी कर लिया। चोरी गए आभूषणों की कीमत करीब छह लाख पचास हजार रुपये आंकी गई है।
शनिवार सुबह करीब सात बजे पुजारी जब मंदिर पहुंचे तो ताला टूटा मिला और आभूषण गायब थे। तत्काल सिटी कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने जांच शुरू की। मंदिर परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें चोरी की पूरी घटना साफ तौर पर कैद है।
दस मिनट में चोरी, घंटों तक बेखौफ घूमता रहा चोर
सीसीटीवी फुटेज के अनुसार चोर मंदिर के भीतर करीब दस मिनट तक रहा और बड़ी सफाई से आभूषण समेटकर पीछे के रास्ते से निकल गया। हैरानी की बात यह है कि इसके बाद भी वह बिना किसी डर के शहर में घूमता रहा। फुटेज में वह दंतेश्वरी मंदिर से निकलकर मोतीतालाबपारा, लागू नर्सिंग होम, नयापारा, कोर्ट तिराहा होते हुए रेलवे स्टेशन पहुंचता दिख रहा है।
रेलवे स्टेशन पर चोर करीब एक से डेढ़ घंटे तक आराम से बैठा रहा और सुबह चार बजे जगदलपुर–हावड़ा समलेश्वरी एक्सप्रेस ट्रेन में सवार होकर फरार हो गया। इतने लंबे समय तक उसकी आवाजाही पर किसी भी स्तर पर रोक नहीं लग पाना पुलिस की गश्त और निगरानी व्यवस्था पर प्रश्न खड़े करती है।
पहले भी हो चुकी हैं मंदिरों में चोरियां
बस्तर में मंदिरों में चोरी की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले दंतेवाड़ा स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर, गिरोला के मां हिंगलाजिन मंदिर और देवड़ा के शिव मंदिर में भी चोरी हो चुकी है। हालांकि तब पुलिस ने बाद में आरोपियों को पकड़कर सामान बरामद किया था, लेकिन बार-बार की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि स्थायी सुरक्षा व्यवस्था आज भी कमजोर है।
कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी
मंदिर चोरी की घटना को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य ने इसे राज्य सरकार के ‘सुशासन’ पर करारा प्रहार बताया। उन्होंने कहा कि जब बस्तर की आराध्य देवी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन केवल आयोजनों में व्यस्त है, जबकि अपराधी बेखौफ हैं। कांग्रेस ने 48 घंटे के भीतर आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।