छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के कर्रेगुट्टा पहाड़ी में गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले एक बाद एक 6 IED (इम्प्रूवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) विस्फोट हुए। जिसकी चपेट में आने से डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) के 11 जवान घायल हो गए हैं। न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है।
बताया जा रहा है कि ये धमाके रविवार (25 जनवरी) को उस समय हुए जब सुरक्षाकर्मियों की एक जॉइंट टीम कर्रेगुट्टा हिल्स इलाके में नक्सल विरोधी ऑपरेशन पर निकली थी। घटना तेलंगाना की सीमा से लगे उसूर थाना क्षेत्र की है।
वहीं, आजादी के बाद पहली बार आज कर्रेगुट्टा की लगभग 5,000 फीट ऊंची पहाड़ियों पर तिरंगा फहराया गया। यह क्षेत्र दशकों तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहा है। इसे नक्सलियों का गढ़ माना जाता था। नए सुरक्षा कैंप में जवानों ने ध्वजारोहण कर गणतंत्र दिवस मनाया।
जानिए क्या है पूरा मामला ?
PTI एजेंसी को एक अधिकारी ने बताया कि डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) और बस्तर फाइटर्स, जो राज्य पुलिस की दोनों यूनिट हैं। इसके अलावा कमांडो बटालियन फॉर रेसोल्यूट एक्शन (कोबरा, CRPF की एक एलीट यूनिट) के जवान ऑपरेशन पर निकले थे। ऑपरेशन के दौरान 25 जनवरी को 6 धमाके हुए, जिसमें 11 जवान घायल हो गए। जिनमें से 10 DRG के और एक कोबरा टीम का था।
घायल कोबरा जवान रुद्रेश सिंह 210वीं बटालियन में सब-इंस्पेक्टर हैं। रुद्रेश सिंह और DRG के 2 जवानों के पैरों में चोटें आई हैं, जबकि 3 अन्य की आंखों में छर्रे लगे हैं। घायल जवानों को एयर लिफ्ट करके रायपुर के एक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।
रायपुर के प्राइवेट अस्पताल में चल रहा इलाज
रायपुर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में घायल जवानों का इलाज कर रहे एक डॉक्टर ने बताया कि घायलों में 3 का ऑपरेशन किया गया है, जबकि एक अन्य जवान की सर्जरी चल रही है। उन्होंने बताया कि उनकी हालत स्थिर है।
ताड़पाला गांव में जवानों ने लगाया था कैंप
पिछले साल 2025 में नवंबर में सुरक्षा बलों ने कर्रेगुट्टा में उसूर पुलिस स्टेशन की सीमा के तहत ताड़पाला गांव में एक कैंप लगाया था। जिसे बड़े माओवादियों के लिए सुरक्षित ठिकाना माना जाता था। केंद्र और राज्य सुरक्षा बलों ने पिछले साल अप्रैल-मई में कर्रेगुट्टा पहाड़ियों के आसपास घने जंगलों में 21 दिन लंबा एक बड़ा ऑपरेशन चलाया था।
इस दौरान 31 नक्सलियों को मार गिराया गया था। पुलिस ने बताया था कि, उस समय फोर्स ने 35 हथियार, 450 IED और बड़ी संख्या में डेटोनेटर, एक्सप्लोसिव डिवाइस और मेडिकल सप्लाई, इलेक्ट्रिक इक्विपमेंट, नक्सल लिटरेचर वगैरह समेत दूसरी चीजें जब्त की थीं।