छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में महापौर के गृह वार्ड में गुणवत्ताविहीन सड़क निर्माण को लेकर मोहल्लेवासियों ने खिलाफ विरोध जताया। अब उस सड़क को तोड़कर फिर से बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह सड़क तीन वार्डों को जोड़ती।
वार्ड नंबर 38 सोनूमुड़ा से लेकर वार्ड नंबर 37 और 42 तक जोड़ने वाली सड़क का बीटी निर्माण किया जा रहा था, ताकि लोगों को खराब सड़क की समस्या से छुटकारा मिल सके।
करीब 1 करोड़ 22 लाख रुपए की लागत से बनने वाली इस सड़क का काम शुरू तो हो गया, लेकिन गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। इसका विरोध क्षेत्र के पूर्व पार्षद और मोहल्लेवासियों ने किया।
जब महापौर जीवर्धन चौहान को इसकी जानकारी मिली, उन्होंने गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण के निर्देश दिए। इसके बाद सड़क में किए गए डामरीकरण को उखाड़कर अब फिर से सड़क निर्माण किया जा रहा है।
भ्रष्टाचार के लिए ऐसा किए
पूर्व पार्षद मुरारी भट्ट ने बताया कि यह सड़क वार्ड नंबर 38 को 37 और 42 तक बजरंग डीपा से जोड़ती है। लगभग 10-12 साल पहले यहां सीमेंट रोड बनी थी।
उनका कहना है कि उसी रोड के ऊपर बीटी सड़क बनाकर भ्रष्टाचार किया जा रहा था। मोहल्लेवासियों ने खराब गुणवत्ता वाली सड़क के निर्माण का विरोध किया। इसके बाद निगम के अधिकारी मौके पर आए और अब सड़क को उखाड़कर फिर से बनाया जा रहा है।
निर्माण में संतुष्टी नहीं मिलने तक पेंमेंट नहीं होगा
महापौर जीवर्धन चौहान ने बताया कि यह उनका गृह वार्ड है। वहां बीटी सड़क में खराब गुणवत्ता का निर्माण होने की जानकारी मिलने के बाद ठेकेदार और इंजीनियर को नोटिस जारी किया गया है।
उन्होंने कहा कि काम करने और काम कराने दोनों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। सड़क को दोबारा बनाया जाएगा और जब तक निर्माण संतोषजनक नहीं होगा, भुगतान नहीं किया जाएगा।