छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू की गई। कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने यह कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किया।
31 जनवरी 2026 तक जिले के कुल 84035 किसानों ने 442826.64 मीट्रिक टन धान बेचा। जिले में कुल 89274 किसान पंजीकृत थे, जिनका कुल रकबा 92298.204 हेक्टेयर था।
खरीदे गए 4,42,826.64 मीट्रिक टन धान के मुकाबले 340769.60 मीट्रिक टन के डी.ओ./टी.ओ. (डिलीवरी ऑर्डर/ट्रांसफर ऑर्डर) जारी किए गए हैं। पंजीकृत राइस मिलरों और परिवहनकर्ताओं के माध्यम से इसका उठाव किया जा रहा है।
अवैध खरीदी-बिक्री, परिवहन और भंडारण रोकने लगातार कार्रवाई
जिला प्रशासन ने धान की अवैध खरीदी-बिक्री, परिवहन और भंडारण को रोकने के लिए लगातार कार्रवाई की। अपर कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर, अनुविभाग अधिकारी राजस्व, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और विभिन्न विभागों के अधिकारियों को जोनल व नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया था।
इन अधिकारियों ने धान खरीदी केंद्रों का नियमित निरीक्षण और पर्यवेक्षण किया, ताकि केवल वास्तविक और पात्र किसानों से ही उनके वास्तविक रकबे के आधार पर धान की खरीदी हो सके। साथ ही, कोचियों, व्यापारियों और अवैध धान विक्रेताओं पर भी अंकुश लगाया जा सके।
जिले में कुल 92 केस दर्ज किए
31 जनवरी 2026 तक राजस्व, खाद्य, कृषि उपज मंडी और सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में कुल 92 केस दर्ज किए। इन कार्रवाइयों में 23498 क्विंटल धान जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित लागत 7 करोड़ 28 लाख रुपए है।
इसके अतिरिक्त, 2 राइस मिलों और 17 कोचियों के गोदामों को सील कर मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। 31 जनवरी 2026 की स्थिति में जिले की कुल 65 समितियों के 86 उपार्जन केंद्रों में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य सफलतापूर्वक पूरा हो गया है।