छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में श्रद्धा और आस्था का प्रतीक राजिम कुंभ कल्प आज माघ पूर्णिमा के साथ शुरू हो गया

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में श्रद्धा और आस्था का प्रतीक राजिम कुंभ कल्प आज माघ पूर्णिमा के साथ शुरू हो गया है। इस आयोजन में शामिल होने के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के राजिम पहुंचने की उम्मीद है। त्रिवेणी संगम में श्रद्धालुओं के पुण्य स्नान का सिलसिला सुबह 4 बजे से ही जारी है, जो दिनभर चलेगा। राजिम में हर साल माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि तक राजिम मेला आयोजित होता है। लाखों श्रद्धालु उसी आस्था और विश्वास के साथ राजिम के पवित्र त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाते हैं। आज माघ पूर्णिमा के प्रथम स्नान के साथ ही मेले की शुरुआत हुई। हजारों श्रद्धालुओं ने सुबह त्रिवेणी संगम में स्नान किया और उसके बाद भगवान राजीव लोचन और कुलेश्वरनाथ के दर्शन किए। त्रिवेणी संगम के एक तट पर भगवान विष्णु श्री राजीवलोचन के रूप में विराजमान

 

राजिम कुंभ कल्प की अपनी एक अलग पहचान है। यह पैरी, सोंढूर और महानदी के त्रिवेणी संगम स्थल पर आयोजित होता है। त्रिवेणी संगम के एक तट पर भगवान विष्णु श्री राजीवलोचन के रूप में विराजमान हैं, जबकि दूसरे तट पर सप्तऋषियों में से एक लोमश ऋषि का आश्रम विद्यमान है। संगम के बीचों-बीच स्वयं महादेव कुलेश्वरनाथ के रूप में स्थापित हैं।

 

वैसे तो सालभर श्रद्धालुओं का यहां पहुंचने का सिलसिला लगा रहता है, लेकिन राजिम कुंभ मेले के दौरान उनकी संख्या कई गुना बढ़ जाती है। राजीव लोचन और कुलेश्वरनाथ जी के मंदिर दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को घंटों कतार में खड़ा होना पड़ता है। आस्था के साथ ही मोक्ष मार्ग प्रशस्त होने की मान्यता से यह कुंभ कल्प अलौकिक माना जाता है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

 

राजिम कुंभ में मेला स्थल बदल गया है। पुराने स्थल से 2 किमी दूरी पर 54 एकड़ वृहद स्थान पर नया मेला स्थल बनाया गया है। ऐसे में मेला में भीड़ भरने और सुरक्षा को लेकर प्रशाशन के समक्ष बड़ी चुनौती बन गई है। इस बार पुलिस प्रशासन ने अलग-अलग क्षेत्र में 4 कंट्रोल रूम बनाया हुआ है। मेला और मंदिर क्षेत्र को 200 से ज्यादा सीसी कैमरों से सर्विलांस में लिया गया है।

 

गरियाबंद के अलावा सीमावर्ती अन्य जिलों से भी बल बुलाकर 1100 जवानों की तैनाती की गई है। प्रशिक्षित गोताखोर, फायर सेफ्टी गाड के अलावा सादी वर्दी में चप्पे चप्पे पर जवान तैनात रहेंगे। जिससे लूट या अनहोनी का शिकार श्रद्धालु न हो सके।

 

यातायात सुगम हो इसके लिए 5 से ज्यादा स्थानों पर पार्किंग बनाया गया है। वीआईपी मोमेंट के समय नवापारा राजिम हाइवे जाम न हो इसके लिए वीआईपी मूवमेंट के लिए एक नया रास्ता बनाया गया है जो मेला स्थल तक जाएगा।