दुर्ग जिले में धर्म परिवर्तन के लिए प्रलोभन देने के मामले में दो महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है। उन पर लोगों को आर्थिक मदद, बीमारी ठीक करने और बेटी की शादी में मदद का झांसा देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव डालने का आरोप है। यह मामला पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र का है।
रविवार को पदुमनगर, चरोदा की 36 साल की रूखमणी पाण्डेय ने थाना पुरानी भिलाई में शिकायत दर्ज कराई। वह घर का काम और खाना बनाने का काम करती है।
रूखमणी ने बताया कि 25 जनवरी 2026 को दो अज्ञात महिलाएं उनके घर आईं और दावा किया कि अगर वह ईसाई धर्म अपनाएंगी तो उनकी बीमारी ठीक हो जाएगी, आर्थिक मदद मिलेगी और जीवन की परेशानियां दूर होंगी। रूखमणी ने इनकार किया, तो महिलाएं वहां से चली गईं।
आज फिर आई तो पुलिस को दी गई सूचना इसके बाद 1 फरवरी रविवार को वही दोनों महिलाएं दोबारा रूखमणी के घर पहुंचीं। इस बार उन्होंने और अधिक प्रलोभन देते हुए ईसाई धर्म अपनाने, बाइबिल पढ़ने, इलाज में मदद, आर्थिक सहयोग और बेटी की शादी में सहायता देने की बात कही।
रूखमणी और उनके परिजनों ने इसका विरोध किया, जिसके बाद मामला बढ़ गया। इसके बाद पीड़िता ने थाना पुरानी भिलाई पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस को दी।
मौके पर पहुंची पुलिस, पूछताछ के बाद किया गिरफ्तार पुलिस ने शिकायत के आधार पर अपराध धारा 299 बीएनएस एवं धारा 04 छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम के तहत मामला पंजीबद्ध किया। जांच के दौरान आरोपों की पुष्टि होने पर दोनों महिलाओं को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सारिका डाडिंगे (42 वर्ष), निवासी खुर्सीपार और प्रियंका साईमन (33 वर्ष), निवासी कुम्हारी के रूप में हुई है।