भिलाई। पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र में ऑनलाइन डिलीवरी कंपनी से जुड़े कैश कलेक्शन और बैंक जमा पर्चियों में हेराफेरी का मामला सामने आया है। एनटेक्स ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड की शिकायत पर पुलिस ने शाखा सुपरवाइजर के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात का मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
क्या है मामला
पुरानी भिलाई पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, अशोक कुमार वैष्णव, टीम लीडर, एनटेक्स ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ने 1 फरवरी 2026 को थाना पुरानी भिलाई में लिखित आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदन में बताया गया कि उनकी कंपनी Flipkart Internet Services Private Limited के लिए छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन सामानों की डिलीवरी, कैश ऑन डिलीवरी संग्रहण और बैंक में राशि जमा करने का कार्य करती है।
प्रार्थी के अनुसार, चरोदा ब्रांच दादर रोड में पदस्थ सुपरवाइजर जतिन कुमार झा वितरण, कैश कलेक्शन और शाखा प्रबंधन का कार्य संभालता था। प्रधान कार्यालय पुणे से 8 दिसंबर 2025 को प्राप्त जानकारी में सामने आया कि आरोपित ने विभिन्न तिथियों की बैंक जमा पर्चियों में हेराफेरी कर अधिक राशि दर्शाई।
इतने रुपये किए गए गबन
27 नवंबर 2025 को 1,11,753 रुपये जमा किए गए, जिसे पर्ची में 1,82,753 रुपये दर्शाया गया। 1 दिसंबर 2025 को 87,441 रुपये जमा किए गए, जिसे 1,47,441 रुपये बताया गया। 6 दिसंबर 2025 को 1,36,521 रुपये जमा किए गए, जिसे 1,90,852 रुपये दर्शाया गया।
इस प्रकार कुल 3,35,715 रुपये की वास्तविक जमा राशि को 5,21,046 रुपये दिखाकर 1,85,331 रुपये की हेराफेरी की गई। इसके अलावा 8 दिसंबर 2025 को कैश मैनेजमेंट सर्विस एजेंसी में 47,226 रुपये कम जमा किए जाने की जानकारी आरोपित द्वारा वाट्सएप संदेश के माध्यम से दी गई थी, जिसकी प्रति शिकायत के साथ संलग्न की गई है।
आरोपित द्वारा फोन कॉल भी स्वीकार नहीं किए जा रहे
शिकायत के अनुसार, आरोपित ने 22 दिसंबर 2025 को 80,000 रुपये कंपनी के खाते में जमा किए थे। शेष 1,52,557 रुपये के भुगतान के लिए आरोपित जतिन कुमार झा और उसके भाई सागर झा द्वारा 31 दिसंबर 2025 को 50 रुपये के स्टाम्प पेपर पर भुगतान सहमति पत्र दिया गया था। इसके बावजूद निर्धारित समय 20 जनवरी 2026 तक राशि का भुगतान नहीं किया गया और आरोपित द्वारा फोन कॉल भी स्वीकार नहीं किए जा रहे थे।
प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना पुरानी भिलाई पुलिस ने जतिन कुमार झा के खिलाफ धारा 116 (डी) और 318 (4) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में ले लिया है। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है।