छत्तीसगढ़ के धमतरी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मनरेगा संग्राम और धान खरीदी की मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के धमतरी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मनरेगा संग्राम और धान खरीदी की मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिसमें कई कार्यकर्ता नाली में गिर गए।

पुलिस ने कांग्रेसियों को रोकने के लिए तीन स्तरीय बैरिकेड लगाए थे। इसके अलावा चौथे लेयर में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। घंटों चले प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

धक्का-मुक्की और झड़प के बीच कांग्रेस जिलाध्यक्ष तारिणी चंद्राकर और महिला कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन लेने पहुंचे एसडीएम के सामने प्रशासन के लिए चूड़ियां भी निकालीं। इस घटनाक्रम में कुछ कार्यकर्ताओं के कपड़े भी फट गए।

मनरेगा का नाम बदलने पर प्रदर्शन

दरअसल, कांग्रेस द्वारा धमतरी जिले में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन के बाद कलेक्ट्रेट घेराव किया गया था। मंच के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष तारिणी चंद्राकर ने बताया कि यह घेराव मनरेगा बचाव संग्राम के तहत किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा के तहत ‘जी राम जी’ को लाना महात्मा गांधी का अपमान है, जिसे कांग्रेस पार्टी बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि घेराव के दौरान उठाई गई मांगों को शासन तक पहुंचाने का आश्वासन मिला है।

बड़े अधिकारी के नहीं पहुंचने पर निकाली चूड़ी

जिला अध्यक्ष ने कहा कि बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंची थी। आश्वासन दिया जा रहा था कि अपर कलेक्टर आ रही है। जब जिला स्तर में कलेक्ट्रेट घेराव किया जा रहा है तो किसी बड़े अधिकारियों को भेजना चाहिए।

जब कलेक्टर नहीं है तो अपर कलेक्टर को भेजना चाहिए, उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा एसडीएम के द्वारा गोलमोल जवाब देते हुए नजर आए और जिस तरह का व्यवहार था, वह अच्छा नहीं लगा। इस वजह से प्रशासन के लिए चूड़ी निकालकर दिया गया।